नवादा : जिले की रजौली पुलिस ने नालंदा जिले के हरनौत से बंधक बनाए गए मो. इरशाद आलम को सकुशल मुक्त करा लिया। उक्त मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मजदूरों को उत्तर प्रदेश के ईंट-भट्ठों पर भेजने के लिए दिए गए 2.77 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के बाद इरशाद को बंधक बनाकर उनकी पत्नी से रुपये मांगे गए थे।
पुलिस के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले मजदूरों को उत्तर प्रदेश के ईंट-भट्ठों पर भेजने को लेकर मजदूरों के ठेकेदारों और कुछ लोगों के बीच सौदा हुआ था। बिहारशरीफ के लंगड़ा त्यागी और रजौली के महसई निवासी मकबूल आलम के पुत्र मो. इरशाद आलम व मिथलेश राजवंशी ने मजदूरों को अग्रिम राशि देने के नाम पर हरनौत के ठेकेदारों से 2.77 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद मजदूरों को ट्रेन से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया।
बताया गया कि अग्रिम राशि कम मिलने से नाराज मजदूर अपने तय गंतव्य पर नहीं पहुंचे और कहीं अन्य जगह चले गए। इसके बाद पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ गया। मामले को सुलझाने के लिए हरनौत में बैठक बुलाई गई। पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान विवाद बढ़ने पर मो. इरशाद आलम को कथित तौर पर बंधक बना लिया।
आरोप है कि इरशाद को बंधक बनाए जाने के बाद उनकी पत्नी अफसाना परवीन को फोन कर 2.77 लाख रुपये की मांग की गई। इसके बाद अफसाना परवीन ने रजौली थाने में आवेदन देकर अपने पति को बंधक बनाने और फिरौती मांगने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हरनौत में कार्रवाई कर इरशाद को सकुशल बरामद कर लिया। थानाध्यक्ष रणजीत कुमार ने बताया कि पैसों के लेन-देन के विवाद में इरशाद को बंधक बनाकर कथित तौर पर बकाया राशि की मांग की जा रही थी।
इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान नालंदा जिले के बेना थाना क्षेत्र के जंघारो गांव निवासी द्वारिका पासवान के पुत्र धुरी पासवान और शेखपुरा जिले के बरबीघा निवासी कृष्ण पासवान के पुत्र गौतम पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, मुक्त कराए गए मो. इरशाद आलम का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया।
भईया जी की रिपोर्ट