नवादा : जिले के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान मायके आई महिला की मौत हो गयी। मृतका की पहचान गया जिले के टेकना फार्म निवासी कुंदन कुमार की 25 वर्षीय पत्नी राधा कुमारी के रूप में की गयी है। राधा पिछले कुछ दिनों से सिरदला थाना क्षेत्र के कर्मा खुर्द गांव स्थित अपने मायके आयी हुई थी। अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन आनन-फानन में उसे रजौली अनुमंडलीय अस्पताल ले गये, जहां डॉक्टरों ने जांच और ईसीजी के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के अनुसार, राधा की तबीयत पिछले कुछ महीनों से खराब चल रही थी। उसका इलाज वेल्लोर, दिल्ली और पटना में कराया जा रहा था। अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी। अस्पताल लाते समय ही उसकी मौत हो चुकी थी, जिसकी डॉक्टरों ने पुष्टि की। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा।
मौत के बाद अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध नहीं होने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मृतका का पार्थिव शरीर करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। परिजनों ने डॉक्टरों से शव को गया जिले के बीएमपी कैंप स्थित ससुराल तक पहुंचाने की व्यवस्था कराने की गुहार लगायी। डॉक्टरों ने परिजनों को 102 टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी। डायल 102 पर कॉल करने पर कर्मियों ने दूसरे जिले में सेवा देने में असमर्थता जताते हुए सहायता देने से मना कर दिया। पीड़ित परिजन अजय सिंह ने बताया कि राधा अपने पीछे पति के अलावा एक बेटा और एक बेटी छोड़ गयी है।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में शव वाहन नहीं होने के कारण गरीब परिवारों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है, इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। समाजसेवी अखिलेश राजवंशी ने कहा कि रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में शव वाहन की मांग वर्षों से की जा रही है। एनएच-20 पर लगातार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यहां शव वाहन की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडलीय अस्पताल में जल्द से जल्द शव वाहन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।

भईया जी की रिपोर्ट
