नवादा : नवादा नगर की यह तस्वीर व्यवस्था और विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। सड़क पर जमा गंदा पानी, बिखरा कचरा, कीचड़ और बदहाल जलनिकासी की स्थिति देखकर सहज ही सवाल उठता है- आखिर नवादा नगर परिषद में विकास का पैमाना क्या है? बारिश के बाद सब्जी बाजार की सड़क पर पानी इस कदर जमा है कि सड़क और नाले का फर्क तक समझना मुश्किल दिखाई दे रहा है। दुकानदारों को अपनी दुकान तक पहुंचने के लिए गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है। वहीं, सब्जी खरीदने आने वाले आम लोगों को भी इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सबसे बड़ी चिंता स्वच्छता और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर है। सड़क पर जमा पानी में कचरा तैरता दिखाई दे रहा है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से दुर्गंध, मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। व्यापारियों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल है, क्योंकि सब्जी बाजार में रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक और व्यापारी पहुंचते हैं। यह समस्या सिर्फ आज की नहीं है। नगर में बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। जुलाई 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में शहर की कई सड़कों और सब्जी बाजार में हर बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति का उल्लेख किया गया था।
स्थानीय स्तर पर वार्ड पार्षद से लेकर मुख्य पार्षद, विधायक, विधान पार्षद और सांसद तक जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को संबंधित विभाग और प्रशासन के सामने मजबूती से रखें। सवाल किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल का नहीं है। सवाल है कि नवादा शहर के लोगों को आखिर कब बेहतर सड़क, साफ नाला और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था मिलेगी?
अगर हर साल बारिश के बाद सड़कें तालाब बन जाएं, वही कचरा दिखाई दे और वही समस्याएं दोबारा सामने आएं, तो जनता को यह पूछने का अधिकार है कि विकास के नाम पर किए जा रहे कामों का वास्तविक लाभ जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा? तस्वीर आपके सामने है। फैसला भी आप ही कीजिए—क्या इसे नवादा नगर परिषद का विकास कहेंगे या व्यवस्था की नाकामी?
भईया जी की रिपोर्ट