नवादा : जिले के गोविंदपुर प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोलजा-पहरैठा गांव के पहाड़ पर जंगली हाथियों का झुंड दिखाई देने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हाथियों की मौजूदगी की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग सतर्क हो गए और ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की।
सुबह पहाड़ पर दिखा हाथी, गांवों में फैली दहशत
ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब सात बजे पहाड़ की ओर गए । लोगों ने जंगली हाथियों के झुंड को घूमते देखा। इसके बाद सूचना पूरे क्षेत्र में फैल गई। हाथियों के डर से लोगों ने खेतों और जंगल की ओर जाना बंद कर दिया। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि हाथियों का झुंड आबादी वाले इलाके की ओर बढ़ा तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
वन विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की सूचना देने के लिए फोरेस्टर और डीएफओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे लोगों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद विभाग की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है।
दो महीनों से जारी है हाथियों का आतंक
स्थानीय लोगों के मुताबिक गोविंदपुर क्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से जंगली हाथियों का आतंक बना हुआ है। इस दौरान हाथियों के हमले में महिला समेत तीन की जान जा चुकी है, जबकि अनेक घरों और किसानों की फसलें भी नुकसान की शिकार हुई हैं। ग्रामीणों के सामने आजीविका और सुरक्षा दोनों की चुनौती खड़ी हो गई है।
सरकंडा में भी मचा चुका हैं उत्पात
ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले सरकंडा गांव के आसपास हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया था। हाथियों ने फसलों को रौंद दिया था और लोगों को पूरी रात जागकर अपनी सुरक्षा करनी पड़ी थी। अब पहरैठा पहाड़ पर दोबारा हाथियों के दिखने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
निगरानी दल तैनात करने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्रों से दूर किया जाए. साथ ही प्रभावित गांवों में निगरानी दल की तैनाती कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
भईया जी की रिपोर्ट