सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर आज सोमवार तड़के एक पैसेंजर ट्रेन में अचानक भीषण आग लग गई। इससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। आग इतनी भयावह थी कि इंजन समेत उससे जुड़ी एक बोगी धू-धू कर जल गई। ट्रेन की अन्य बोगियों में सवार यात्री भी जान बचाने के लिए ट्रेन से सुरक्षित बाहर आ गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार यह आग समस्तीपुर—सहरसा डेमू ट्रेन के इंजन से शुरू हुई और इसने देखते ही देखते विकराल रूप घारण कर लिया। शीघ्र ही आग इंजन से सटे बोगी तक जा पहुंची और उसे भी अपनी चपेट में ले लिया।
यात्रियों ने कूदकर बचाई अपनी जान
बताया जाता है कि समस्तीपुर-सहरसा डेमू ट्रेन आज तड़के 3:44 बजे सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर पहुंची थी। ट्रेन के रुकने के कुछ ही देर बाद इंजन से धुआं निकलने लगा। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य तकनीकी खराबी है, लेकिन देखते ही देखते धुआं भीषण आग में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि इंजन के साथ उससे जुड़ी एक बोगी भी इसकी चपेट में आ गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। एहतियात के तौर पर प्लेटफॉर्म संख्या-2 को खाली करा लिया गया और स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
दो घंटे मशक्कत के बाद बुझी आग
आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए रेल परिचालन भी प्रभावित रहा। रेलवे प्रशासन ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।