नवादा : जिला मुख्यालय के कन्हाई लाल साहू महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों तक चीट पहुंचाने और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के आरोप में बायोमैट्रिक कर्मी व जैमर ऑपरेटर समेत 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 14 जून रविवार को आयोजित केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) परीक्षा के दौरान एग्जाम हॉल में प्रश्नपत्रों के जवाब पहुंचाने के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है इसमें अब तक बायोमैट्रिक कर्मी, जैमर ऑपरेटर समेत 15 पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जिसमें से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसमें पेपर लीक होने की भी आशंका जतायी जा रही है। नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार कन्हाई लाल साहू महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर कथित रूप से परीक्षार्थियों तक चीट पहुंचाने, प्रश्नपत्र से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा परीक्षा की गोपनीयता भंग करने का प्रयास किया गया। परीक्षा केंद्र अधीक्षक बाल्मिकी प्रसाद द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के अनुसार परीक्षा के दौरान सूचना मिली कि कमरा संख्या-01 के समीप एक युवक द्वारा परीक्षार्थियों तक बाहर से चीट पहुंचाई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधियां
सूचना के बाद केंद्राधीक्षक एवं पुलिस पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल के समीप एक फटा हुआ चीट बरामद किया गया, जिस पर विभिन्न प्रश्नों के क्रमांक के सामने उत्तर विकल्प अंकित थे। इसके बाद केंद्र परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गयी। जांच के दौरान कुछ व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने का दावा किया गया है। एफआइआर के अनुसार पुलिस द्वारा पूछताछ के क्रम में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया तथा उनके मोबाइल फोन की जांच की गयी।
जांच के दौरान मोबाइल में कई परीक्षार्थियों के नाम, रोल नंबर, प्रश्नपत्र सेट कोड एवं अन्य सूचनाओं से संबंधित तस्वीरें मिलने की बात कही गयी है। प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि पूछताछ के दौरान कथित रूप से परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद कुछ व्यक्तियों, बायोमैट्रिक कार्य में लगे कर्मियों तथा अन्य सहयोगियों के नाम सामने आए। इसके आधार पर पुलिस ने विभिन्न व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
मास्टरमाइंड रोशन कुमार सहित 15 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज
नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी में केंद्र का जैमर ऑपरेटर बिपिन कुमार, बायोमैट्रिक ठेकेदार रोहित कुमार उर्फ मुरारी, सहयोगी मनीष कुमार,केंद्र पर मौजूद बायोमैट्रिक कर्मी विकास कुमार, कुणाल कुमार, मामले का मास्टर माइंड रोशन कुमार दो विक्षक जिन पर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप है , गुंजन कुमारी व शिक्षक अजीत कुमार और 07 परीक्षार्थी सहित कुल 15 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें कुछ परीक्षार्थी, बायोमैट्रिक व्यवस्था से जुड़े कर्मी, कथित सहयोगी, शिक्षक एवं वीक्षक शामिल हैं। प्राथमिकी में कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डिजिटल सामग्री तथा अन्य दस्तावेज जब्त किए जाने का उल्लेख किया गया है।
पुलिस अब जब्त मोबाइलों एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि तथा कथित नेटवर्क कितना बड़ा था और परीक्षा से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किस स्तर तक हुआ। फिलहाल मामले की जांच जारी है तथा प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अनुसंधान के अधीन हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीरें सामने आ सकेगी।
भईया जी की रिपोर्ट