नवादा : कहते हैं शेर के घर में शेर को अगर चुनौती दिया जाय तो वह बर्दाश्त करेगा क्या? कुछ इसी प्रकार की स्थिति डीएम के जनता दरबार में देखने को मिली। इससे स्पष्ट होता है कि ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारी कितनी ही गलती कर ले उसे चुनौती देने की हिमाकत की तो खैर नहीं। जी हां! यहां हम बात कर रहे हैं डीएम के जनता दरबार का। जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल डीएम समेत जिले के की वरीय अधिकारियों द्वारा उनके मोबाइल को ब्लॉक करने की शिकायत लेकर जनता दरबार पहुंचे थे।
इस क्रम में उन्होंने डीएम से मुख्य सचिव के आदेश का पालन करने का अनुरोध करते हुए मोबाइल अनब्लॉक करने का अनुरोध किया। चूंकि उन्होंने इसके पूर्व डीएम समेत जिले के दर्जनों अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार का आरोप लगा रखा है जिसकी विभिन्न विभागों के सचिव के यहां सुनबाई चल रही है सो उन्होंने स्पष्ट किया कि हां! मोबाइल ब्लाक कर रखा है। इसके साथ ही उन्होंने परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकियां दी।
जब वे वापस लौट रहे थे पुनः नीचे से बुलाया गया तथा उनका मोबाइल जब्त कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। बाद में आपत्ति जताने पर मोबाइल वापस किया गया। डीएम के जनता दरबार में उपस्थित लोग यह देखकर न केवल हैरान रह गए बल्कि डीएम समेत अधिकारियों द्वारा किये गये दुर्व्यवहार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कड़ी निंदा करते हुए मामले की जांच की मांग की है। इस बावत आरटीआई कार्यकर्ता ने मुख्य सचिव को आवेदन देकर सारे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
भईया जी की रिपोर्ट