नवादा : जिले के रजौली प्रखंड ग्राम पंचायत में विभिन्न आहरों एवं पैन की सफाई लघु जल संसाधन विभाग बिहार पटना के द्वारा कराया जा रहा है। कराये जा रहे कार्य में अभिकर्ता द्वारा कहीं भी कार्य से संबंधित बोर्ड तक नहीं लगाया गया है ताकि लोगों को यह पता लग सके कार्य किस योजना से कितनी राशि से की जा रही है और संबंधित अभिकर्ता कौन है? हालात यह है कि अभिकर्ता द्वारा पैन का अतिक्रमण कर पैन को नाली के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है।
पैन की चौड़ाई लगभग 12 फीट सतह एवं पिंड लेकर नक्शा के अनुसार पैन की चौड़ाई 35 से 36 फिट है अब अभिकर्ता द्वारा पैन की सफाई के नाम पर तीन से चार फीट चौड़ाई खुदाई किया गया है एवं मिट्टी को पैन के अंदर डालकर पैन को ही पिंड बना दिया गया है। पैन का अतिक्रमण कर पैन की चौड़ाई मात्र कहीं तीन फीट तो कहीं चार फीट रह गयी है जिससे पैन एवं आहर का अस्तित्व समाप्त होने की ओर है। कार्य का प्राक्कलन करोड़ों रुपये का है।
जमींदारी के समय से ही इस पैन से 12 गांवों के भूमि की सिंचाई का मुख्य स्रोत था। इस पैन से चार बड़ी आहर एवं पांच छोटी आहार में पानी जाने का मुख्य स्रोत है। अब इसी आहर को अभिकर्ता द्वारा करोड़ों का राशि का योजना बनाकर सफाई कराया जा रहा है और सफाई के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति कर पैन एवं आहर का अतिक्रमण कर इसका अस्तित्व समाप्त के कगार पर लाकर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है जो जांच का विषय है। शिकायत आरटीआई कार्य करता बिंदा प्रसाद निराला के द्वारा दिनांक 15 मार्च 2026 को लघु जल संसाधन विभाग पटना एवं मुख्यमंत्री बिहार सरकार पटना को किया था।
शिकायत के आलोक में लघु जल संसाधन विभाग बिहार सरकार पटना का पत्रांक 2602 दिनांक 17 अप्रैल 2026 के द्वारा संगीता सिंह सरकार के अपर सचिव जल संसाधन विभाग द्वारा अधीक्षण अभियंता उड़न दस्ता लघु जल संसाधन विभाग पटना को आदेश दिया गया है और कहा गया है एक पक्ष के अंदर जांच कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बावजूद अबतक जांच आरंभ तक नहीं की गयी है जिससे योजना की राशि में बंदरबांट की आशंका जताई जा रही है।
भईया जी की रिपोर्ट