नवादा : जिले में ट्रैफिक नियम तोड़कर चालान नहीं भरने वाले वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और एसटीसी के पत्र के आधार पर परिवहन विभाग ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। विभाग ने अब लंबे समय से ई-चालान और जुर्माने की राशि का बकाया रखने वाले वाहनों को जब्त किए जाएंगे। ऐसे वाहनों की परिवहन से जुड़ी सभी ऑनलाइन सेवाओं को रोक दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार 12 जून 2026 तक वर्ष 2021 से लंबित चालानों की संख्या 12,722 थी। इन पर कुल 10 करोड़ 16 लाख 99 हजार 133 रुपये का जुर्माना बकाया था। वहीं, वर्ष 2026 में उस समय तक लंबित चालानों की संख्या 5,673 दर्ज की गई थी। इन पर 4 करोड़ 70 लाख 20 हजार 523 रुपये की राशि बकाया थी। आंकड़े बताते हैं कि चालान की राशि जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों की संख्या काफी अधिक है।
राज्य परिवहन आयुक्त की ओर से डीएम, एसपी और जिला परिवहन पदाधिकारी को भेजे गये पत्र में बकाया चालान वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। इसके तहत सबसे पहले ऐसे वाहनों से जुड़ी सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन सिस्टम पर रोका जाएगा। इसमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) का नवीकरण, RC की दूसरी प्रति जारी करना, वाहन मालिक के पते में बदलाव और फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा वाहन का स्वामित्व हस्तांतरित करने और प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी बाधित की जा सकती है।
निर्देश के अनुसार, बकाया चालान वाले वाहनों को वाहन सॉफ्टवेयर पर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। ऐसे वाहनों की रैंडम जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी वाहन का पुराना चालान लंबित पाया जाता है, तो उसे जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान किया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य परिवहन आयुक्त से दिशा-निर्देश मिले हैं। इसके तहत बकाया चालान वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। रैंडम जांच के दौरान ऐसे वाहन मिलने पर उन्हें जब्त किया जाएगा।

इधर, जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जांच अभियान भी चलाया जा रहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी रंजीत कुमार के नेतृत्व में नवादा शहरी क्षेत्र सहित धर्मशीला मोड़, एनएच-20 और रजौली चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच की गई। इस दौरान दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया समेत कुल 81 वाहनों का चालान काटा गया। इन पर कुल 7 लाख 47 हजार 764 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जांच में हेलमेट नहीं पहनने, ड्राइविंग लाइसेंस और सीट बेल्ट समेत जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आयीं।
जांच अभियान के दौरान एक स्कूल बस पर 71 हजार 64 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि बस का टैक्स फेल पाया गया था। इसके अलावा प्रदूषण प्रमाण पत्र और ड्राइविंग रेगुलेशन एक्ट से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर भी कार्रवाई की गई। अगर आपके वाहन पर पुराना ई-चालान बकाया है, तो उसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। चालान की राशि जमा नहीं करने पर वाहन की सरकारी सेवाएं रुकने के साथ जांच के दौरान गाड़ी जब्त होने की आशंका है।

भईया जी की रिपोर्ट
