नवादा : जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा गंगाजल आपूर्ति योजना फेज-2, पार्ट-1 के अंतर्गत मधुबन जलाशय निर्माण परियोजना से संबंधित प्रभावित रैयतों को भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उक्त परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 तथा परियोजना से संबंधित लागू विधिक प्रावधानों के तहत की जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि धारा 2(1) के अनुसार, जब सरकार अपने उपयोग, नियंत्रण या निर्धारित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि अधिग्रहित करती है, तो रैयतों की व्यक्तिगत सहमति की शर्त लागू नहीं होती है। इसके साथ ही, उक्त अधिनियम की धारा 9 के अनुसार, यदि भूमि का अधिग्रहण धारा 40 के आपातकालीन प्रावधानों के तहत किया जा रहा है, तो सक्षम सरकार सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) से छूट दे सकती है।
धारा 40 (आपातकालीन उपबंध) के अंतर्गत भू-अर्जन की कार्रवाई करते हुए दिनांक 17.04.2025 को अधिसूचना एवं दिनांक 28.07.2025 को अधिघोषणा का प्रकाशन किया गया है। इस उपबंध के तहत भू-अर्जन प्रक्रिया में सामाजिक प्रभाव आकलन से छूट दी गई है। साथ ही, आपातकालीन उपबंध के अंतर्गत न्यूनतम मूल्य पंजी(MVR) के लगभग साढ़े पाँच गुना मुआवजा दिया जा रहा है। अभी तक अर्जित भू-खंडों के विरुद्ध लगभग नौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। संबंधित दोनों मौजों की अधिग्रहित भूमि सरकार में निहित हो चुकी है तथा परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इसके साथ ही फसल क्षति एवं अन्य मदों के मुआवजा भुगतान किया जा रहा है। अब तक 324 भू-खंडों से संबंधित रैयतों को फसल क्षति एवं अन्य मदों में कुल 72,52,491 रुपये का मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। मुआवजे के रूप में यथा श्री रामदेव यादव को 1,94,145 रुपये, श्री दयानंद प्रसाद को 1,92,813 रुपये, श्री अजीत कुमार को 1,66,296 रुपये तथा श्री सौरभ कांत को 1,50,000 रुपये सहित अन्य प्रभावित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है। विस्तृत विवरणी जिला के वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी जायेगी।

स्पष्ट किया जाता है कि मुआवजा भुगतान केवल फसल क्षति तक सीमित नहीं है। इसमें पात्रता एवं लागू प्रावधानों के अनुसार भूमि, बोरिंग तथा अन्य अधिग्रहित परिसंपत्तियों अथवा संरचनाओं से संबंधित देय मुआवजा भी शामिल है। शेष रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए द्वितीय नोटिस जारी किया गया है। सभी संबंधित रैयतों से अपील की जाती है कि वे अपना भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र (एलपीसी) सहित आवश्यक दस्तावेज भू-अर्जन कार्यालय में प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
यदि किसी रैयत द्वारा मुआवजा राशि प्राप्त करने में असहमति या प्रतिरोध व्यक्त किया जाता है, तो संबंधित विधिक प्रावधानों के अनुसार देय मुआवजा राशि सक्षम प्राधिकार के समक्ष जमा कर दी जाएगी। सभी संबंधित रैयतों से अपील की जाती है कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों की पूरी जानकारी प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार अथवा भड़कावे में न आएँ।

मधुबन जलाशय निर्माण परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लागू कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है तथा प्रभावित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा भुगतान की कार्रवाई जारी है। रैयतों से अनुरोध है कि फसल क्षति, अधिग्रहित भूमि तथा अन्य पात्र परिसंपत्तियों के मुआवजे से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भू-अर्जन कार्यालय में प्रस्तुत करें, ताकि भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके। मुआवजा भुगतान से संबंधित किसी भी समस्या, असहमति अथवा दावा के निराकरण के लिए भू-अर्जन कार्यालय से संपर्क करें।
भईया जी की रिपोर्ट
