नवादा : जिले के रजौली थाना क्षेत्र के अमावां पूर्वी पंचायत की मलियातरी गांव में मच्छरों से बचाव के लिए किया गया धुआं एक किसान के लिए बड़ी त्रासदी का कारण बन गया। धुएं के लिए जलायी गयी आग की चिंगारी तेज हवा के साथ पुआल की गौशाला तक पहुंच गयी। देखते ही देखते गौशाला आग की लपटों में घिर गयी। हादसे में दो गर्भवती समेत तीन मवेशियों की जलकर मौत हो गयी, जबकि एक बछड़ा गंभीर रूप से झुलस गया।
मच्छर भगाने के लिए जलाया था धुआं, हवा ने बढ़ा दी आग
जानकारी के अनुसार, मलियातरी गांव निवासी उपेंद्र प्रसाद के पुत्र रौशन कुमार ने शाम मच्छरों से मवेशियों को बचाने के लिए गौशाला के समीप धुआं करने के उद्देश्य से आग जलायी थी। इसी दौरान अचानक तेज हवा चलने लगी। आग की चिंगारी उड़कर पुआल से बनी गौशाला की छत तक पहुंच गयी। कुछ ही देर में पुआल ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते पूरी गौशाला धधकने लगी। परिजन जब तक आग पर काबू पाने का प्रयास करते, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
दो गर्भवती मवेशियों समेत तीन की मौत
गौशाला में बंधी दो गाय और एक भैंस आग की चपेट में आ गयी। आग में झुलसने से तीनों मवेशियों की मौत हो गयी। मृत मवेशियों में आठ महीने की गर्भवती भैंस, सात महीने की गर्भवती गाय और एक दुधारू भैंस शामिल हैं। हादसे में गौशाला में बंधा एक गाय का बछड़ा भी झुलस गया। बेजुबान पशुओं की मौत से पीड़ित परिवार के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण काफी दुखी हैं।
अंचल प्रशासन ने भेजे पशु चिकित्सक
घटना की सूचना मिलने के बाद किसान ने अंचल प्रशासन को इसकी जानकारी दी। अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि आगलगी में तीन मवेशियों के जलकर मरने की सूचना मिली थी। इसके बाद पशु चिकित्सालय के डॉ. रेशु कुमार को जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा गया। डॉ. रेशु कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि जांच में तीनों मवेशियों की मौत आग में झुलसने के कारण होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट अंचलाधिकारी को सौंप दी है।
सरकारी नियमानुसार मिलेगा मुआवजा
अंचलाधिकारी ने बताया कि पशु चिकित्सक की जांच रिपोर्ट और थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पीड़ित किसान को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गयी है। प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसान को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन ने ग्रामीणों से मवेशियों को आग और अन्य खतरों से बचाने के लिए गौशालाओं में धुआं या आग करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
भईया जी की रिपोर्ट