गया : सावन की पावन बेला में गया जिले के मेन गांव स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा कोटेश्वर नाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देवाधिदेव महादेव के इस पावन धाम में प्रतिदिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सावन मेला के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से भक्तिमय बना हुआ है।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बाबा कोटेश्वर नाथ धाम की प्रमुख विशेषता यहां स्थापित 1008 सहस्त्रलिंग शिवलिंग हैं, जो श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र बने हुए हैं। मान्यता है कि बाबा कोटेश्वर नाथ के दरबार में सच्चे मन से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसी आस्था के कारण वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जबकि सावन के महीने में भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
1500 वर्ष से अधिक पुराना पीपल वृक्ष भी आकर्षण का केंद्र
बाबा कोटेश्वर नाथ धाम परिसर में स्थित प्राचीन एवं विशाल पीपल वृक्ष भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह वृक्ष 1500 वर्ष से अधिक पुराना है और धाम की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। इसकी विशाल छाया में श्रद्धालु विश्राम करते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। प्राचीन मंदिर, 1008 सहस्त्रलिंग शिवलिंग और विशाल पीपल वृक्ष इस धाम को धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम बनाते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था
सावन मेला के दौरान दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निवासी एवं पूर्व माननीय न्यायमूर्ति श्री श्याम किशोर शर्मा के सौजन्य से प्रसाद स्वरूप भंडारे की व्यवस्था भी की जा रही है। भंडारे के माध्यम से धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सावन की पावन बेला में बाबा कोटेश्वर नाथ धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और गूंज रहे भोलेनाथ के जयकारे यहां की आध्यात्मिक आभा को और बढ़ा रहे हैं। धाम आज धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और जनसेवा के सुंदर संगम के रूप में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
हर-हर महादेव!
ॐ नमः शिवाय!
जय बाबा कोटेश्वर नाथ धाम!
दीपक कुमार की रिपोर्ट