नवादा : जिले में जमीन खरीद-फरोख्त का एक संगीन मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नागपुर से 5 करोड़ की जमीन बेचने आए लोगों को बंधक बना जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा 51 लाख रुपए के गबन का झूठा केस दर्ज कराने वाले अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नागपुर के पीड़ितों व बिचौलिए को पुलिस ने उड़ीसा से बरामद किया है।
बेटी को जापान भेजने के लिए बेच रहे थे पुस्तैनी जमीन
रजौली पुलिस ने सूझबूझ से कार संख्या एमएच-49 बीआर-5495 पर सवार नागपुर निवासी सुनील काले व विजय वनवे एवं बिचौलिए डीह रजौली निवासी संतोष पाण्डेय को उड़ीसा से हिरासत में लिया। पूछताछ में सुनील काले ने बताया कि वे सिविल इंजीनियर हैं और बेटी को उच्च शिक्षा के लिए जापान भेजने को 90 लाख की जरूरत थी, जिसके लिए पुस्तैनी जमीन बेच रहे थे।
नागपुर में गर्मजोशी से स्वागत के बाद रजौली बुलाए गए जमीन विक्रेता
ग़ैरिबा निवासी कृष्णदेव सिंह के पुत्र पंकज सिंह ने मई में नागपुर से लौटे संतोष पाण्डेय से नागपुर में जमीन खरीदने की इच्छा जताई थी। संतोष ने नागपुर में सुनील काले से प्रस्ताव रखा। जून के पहले सप्ताह में पंकज नागपुर गया, जहां उसका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। नागपुर में पंकज ने खुद को गोल्ड मेकिंग कारखाने एवं कोयला खदान का मालिक बताया था। नागपुर में जमीन देखकर पंकज ने रजौली में कैश देने का वादा कर सुनील काले व विजय वनवे को जून के तीसरे सप्ताह में रजौली बुलाया।
गनमैन के धौंस पर फर्जी डील का आरोप, 51 लाख का चेक लेकर बनाया दबाव
नागपुर से आए लोगों को होटल रॉयल ऑर्बिट में ठहराया गया। 21 जून को पंकज सिंह ने बिना पैसे दिए गन-मैन का धौंस दिखाकर सुनील, विजय व संतोष के साथ मारपीट की। डर के मारे तीनों ने 51 लाख का चेक काटकर दिया और जमीन के एग्रीमेंट पर साइन कर दिए। सुनील काले ने बताया कि वे मारपीट के बाद बाथरूम में जाकर शरीर के विभिन्न हिस्सों पर अपने परिजनों का मोबाइल नंबर लिख लिए थे, ताकि उन्हें अगर मारकर कहीं फेंक दे, तो महाराष्ट्र में रहे परिजनों तक बात पहुंच सके।
मौका मिलते ही होटल से फरार हुए नागपुर के लोग
वहीं मौका मिलने पर डर के मारे रात में तीनों जान बचाकर होटल से निकले और कार से भाग निकले। 22 जून की सुबह फोन पर कहासुनी के बाद पंकज ने रजौली थाने में नागपुर वालों पर 51 लाख लेकर भागने का झूठा केस दर्ज करा दिया।
51 लाख के दावे का नहीं मिला कोई प्रमाण
पुलिस ने होटल ऑर्बिट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 51 लाख रुपए या नोट गिनने की मशीन का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद सुनील काले के आवेदन पर पंकज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि अपर थानाध्यक्ष एसआई अजय कुमार एवं एसआई सचिन कुमार के सहयोग से मामले का उद्भेदन हुआ। साजिशकर्ता पंकज सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पंकज सिंह पर गंभीर आरोप, गोली मारने की धमकी देने का दावा
नागपुर से आए सुनील काले व विजय वनवे के साथ संतोष पाण्डेय की निगरानी में रहे दो गन-मैन रोहतास जिले के मनोज सिंह और भोजपुर के अरुण कुमार ने होटल से निकालने में मदद की। दोनों गन-मैन ने बताया कि पंकज सिंह ने हस्ताक्षर करवाने के लिए पहले खुद के पैर पर गोली मारने और बाद में सुनील और विजय के सिर में गोली मारकर फेंकने की बात कही थी।
जमीन सौदे में 1 करोड़ ऑनलाइन और 4 करोड़ कैश का आरोप
विजय वनवे ने बताया कि सुनील काले का नागपुर में रहे 9 एकड़ जमीन का सौदा पंकज सिंह ने पांच करोड़ रुपए में किया था। पैसों की लेनदेन में एक करोड़ रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर और चार करोड़ रुपए कैश देने की बात कही थी। कैश को एक दर्जन गन-मैन के साथ रजौली से नागपुर देने की बात कही गई थी।
गिरफ्तार पंकज निकला कुख्यात अपहरणकर्ता
गिरफ्तार साजिशकर्ता पंकज सिंह वर्ष 2014 में नगर थाना नवादा के थाना कांड संख्या 186/14 में जदयू नेत्री रेणु सिन्हा के पुत्र बिपिन का अपहरण कर फिरौती के लिए 50 लाख रुपए की मांग की गई थी और बाद में हत्या कर दी गई थी। दूसरी ओर कोडरमा जिले के तिलैया थाना कांड संख्या 59/14 में वाराणसी के रमेश सिंह के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। उक्त दोनों मामलों में न्यायालय द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावे कई लोगों से जमीन के नाम पर 6 से 10 लाख रुपए ऐंठने के आरोप सामने आ रहे हैं। फिलहाल कोडरमा जिले के तिलैया थाना कांड मामले में उसे तीन माह पहले हजारीबाग जेल से बेल मिली है, इससे दो वर्ष पूर्व भी जदयू नेत्री रेणु सिन्हा के पुत्र बिपिन के अपहरण सह हत्या केस में उसे बेल दी गई थी।
मेडिकल जांच के दौरान हंगामा, दो हिरासत में दर्ज हुई प्राथमिकी
मेडिकल जांच के दौरान पंकज के परिजन रजौली अस्पताल पहुंचे और पुलिस गिरफ्त से छुड़ाने के लिए हंगामा करने लगे। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति नियंत्रित की गई। दो युवकों को हिरासत में लेकर एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। हंगामा करने वालों को नोटिस दिया गया है। नागपुर से आए पीड़ितों ने बताया कि वे घटना को बुरा सपना समझकर लौट रहे थे, तभी उड़ीसा पुलिस ने पकड़कर रजौली पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़ितों ने रजौली पुलिस की सराहना की। पुलिस मामले की अग्रेतर जांच में जुटी है।
भईया जी की रिपोर्ट