– मामला फर्जी निरीक्षण का, आरटीआई कार्यकर्ता ने बढा़यी मुश्किलें
नवादा : जिला प्रोग्राम पदाधिकारी निरुपमा शंकर (आइसीडीएस) को जिला प्रशासन द्वारा बार बार बचाने का कुत्सित प्रयास महंगा साबित हो सकता है। जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने मामले को लोक शिकायत सामाजिक कल्याण विभाग, बिहार, पटना पहुंचाया है। उक्त मामले में सुनवाई की तिथि 12 मई निर्धारित की गयी है। मामला घर बैठे फर्जी निरीक्षण से जुड़ा है। उन्होंने कौआकोल व रोह में एक ही समय में चंद मिनटों में निरीक्षण कर पोर्टल पर लोड किया था जो गंभीर फर्जीवाड़ा का परिचायक था।
उक्त मामले में डीएम के संज्ञान में लाया गया था लेकिन उन्होंने कार्रवाई तो दूर स्पष्टीकरण मांगना तक उचित नहीं समझा। आरटीआई कार्यकर्ता ने मामले को गंभीरता से लिया तथा जिला लोक शिकायत में मामला दर्ज कराया लेकिन उन्हें वहां भी न्याय मिलने के बजाय डीपीओ को बचाने का काम किया गया। बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी तथा मामले को लोक शिकायत समाज कल्याण विभाग में दायर करा दिया जिसकी सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गयी है।
बता दें इसके पूर्व अधिकारियों ने रजौली प्रखंड अमावां पंचायत पीडीएस के फर्जी विक्रेता योगेन्द्र पासवान को बचाने का प्रयास किया लेकिन मामला जब खाद्यान्न प्रधान सचिव के पास पहुंचा तब उनके निर्देश के आलोक में डीएम को तीन सदस्यीय जांच कमिटी का गठन करना पड़ा। जांच कमिटी ने जो प्रतिवेदन डीएम को सौंपा है उससे जिला आपूर्ति समेत रजौली के निवर्तमान व वर्तमान एसडीएम द्वारा किये गये कुकृत्यों की कलई खुल गई है। अब कार्रवाई होनी शेष है। अब बारी डीपीओ की है। वैसे अभी कई मामले शेष हैं। बारी बारी से खुलासा कर अधिकारियों को बेनकाब किया जायेगा।
भईया जी की रिपोर्ट