बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर आज शुक्रवार की सुबह से ही वोटिंग हो रही है। इसबीच आज मतदान शुरू होने से ठीक पहले वाली देर रात राजधानी पटना में भारी हंगामा हुआ। पुलिस ने रात एक बजे पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के आवास पर अचानक छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि उम्मीदवार के घर पर कुछ संदिग्ध लोग इकट्ठा हुए हैं, जो नकदी या अन्य चीजें बांटकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि प्रत्याशी संजीव कुमार ने इसे प्रशासन की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए पुलिस के लिए दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया। RJD उम्मीदवार ने पुलिस अधिकारियों से सर्च वारंट दिखाने की मांग की और दरवाजा खोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय, पुलिस विपक्ष को परेशान करने का काम कर रही है।
तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए तेजस्वी ने सवाल उठाया कि बिना किसी वैध सर्च वारंट के रात एक बजे RJD उम्मीदवार के घर पुलिस क्यों भेजी गई। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब सात हत्याओं का आरोपी और आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति राज्य का मुख्यमंत्री बन जाता है, तो पुलिस बल का चरित्र भी अपराधी जैसा हो जाता है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में हमारे उम्मीदवार के घर पर बिना किसी सर्च वारंट के रात एक बजे पुलिस भेज कर हताश करने की असफल कोशिश करने वाले डरपोक मुख्यमंत्री एवं उनकी माफिया पुलिस से लालू प्रसाद जी और RJD के कार्यकर्ता व नेता डरने वाले नहीं है। 2 नंबरी सरकार का 10 नंबरी अपराधी मुख्यमंत्री अभी भी गलतफहमी पाले हुए है। नरेंद्र मोदी ने बंदर के हाथ में उस्तरा देकर बिहार को बर्बाद करने की ठानी है।”
