बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर कल वोट पड़ेंगे। MLC चुनाव का प्रचार थम चुका है, लेकिन पक्ष और विपक्ष, दोनों ही गठबंधनों में झगड़े नहीं सुलझे हैं। फिर भी एनडीए और महागठबंधन अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्तूबर यानी कल मतदान होना है। इसके लिए सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। इस बार मुकाबला सिर्फ एनडीए बनाम महागठबंधन तक सीमित नहीं दिख रहा। जन सुराज ने भी सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है। दूसरी तरफ महागठबंधन खेमे में राजद और कांग्रेस कई सीटों पर आमने—सामने मैदान में हैं। कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक, पटना स्नातक और पटना शिक्षक पर तो राजद और कांग्रेस में सीधी टक्कर है।

एनडीए और महागठबंधन के दावे
हालात एनडीए के भी कुछ ज्यादा ठीक नहीें। कुछ सीटों पर एनडीए गठबंधन के भीतर से ही अलग सुर सामने आए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक सीट की है। इस सीट पर जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध अनंत सिंह कर रहे हैं। वह जनसुराज के प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांग रहे हैं। इतना ही नहीं सारण शिक्षक सीट पर आरएलएम के तीन विधायकों ने अलग रुख ने एनडीए के भीतर भी सवाल खड़े किए हैं। इधर, अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने भी इस बार अपने उम्मीदवारों को कुछ सीटों पर उतारा है।
2026 के विधान परिषद चुनाव में में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। 23 अक्तूबर को मतदान और मतगणना 27 अक्तूबर को होगी। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित योग्यता वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। चार स्नातक सीटों पर करीब 4.85 लाख मतदाता हैं, जबकि चार शिक्षक सीटों पर करीब 45,660 मतदाता हैं। इस तरह शुक्रवार को कुल 532847 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 386199 पुरुष और 146611 महिला हैं। स्नातक श्रेणी की सीटों के लिए कुल 492594 और शिक्षक श्रेणी की सीटों के लिए 40253 मतदाता हैं। इनमें 37 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पटना शिक्षक और स्नातक में रोचक फाइट
पटना स्नातक सीट इस बार सबसे अधिक चर्चा में है। जदयू ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर मैदान में उतारा है। उनके सामने जन सुराज के अनुज सिंह हैं। राजद ने दिलीप कुमार और कांग्रेस ने असदुल्लाह खान को प्रत्याशी बनाया है। आम आदमी पार्टी ने भी हिमांशु पटेल को मैदान में उतारा है। इस सीट का राजनीतिक पेंच सिर्फ प्रत्याशियों की संख्या तक सीमित नहीं है। जदयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन का रुख अपनाया है। पटना स्नातक में 88,111 मतदाता हैं, जो चारों स्नातक सीटों में सबसे कम है। लेकिन यहां मुकाबले को केवल दो ध्रुवों का चुनाव मानना मुश्किल है। जदयू, जन सुराज, राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी अलग-अलग मैदान में हैं और इनके बीच मतों का विभाजन महत्वपूर्ण होगा।

दरभंगा में मुकाबला कांटेदार
दूसरी तरफ पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद नवल किशोर यादव को फिर प्रत्याशी बनाया है। राजद ने पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार को और कांग्रेस ने संजय यादव को मैदान में उतारा है। जन सुराज की ओर से दिव्या ज्योति प्रत्याशी हैं। इस सीट पर 16,689 मतदाता हैं, जो चारों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा हैं। पटना शिक्षक सीट पर राजद और कांग्रेस के अलग-अलग प्रत्याशी होने के कारण महागठबंधन के भीतर भी चुनावी प्रतिस्पर्धा है। वहीं दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा ने सर्वेश कुमार को प्रत्याशी बनाया है। जबकि राजद ने अनिल कुमार झा और कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक को मैदान में उतारा है। इस सीट पर महागठबंधन पर तीन दलों के उम्मीदवार ही एक दूसरे को टक्कर दे रहे हैं। भाकपा माले से संदीप चौधरी ने राजद-कांग्रेस के उम्मीदवार को सीधी टक्कर देने का एलान किया है। जन सुराज की ओर से इम्तियाज नूरानी प्रत्याशी हैं। दरभंगा स्नातक सीट पर करीब 1.27 लाख मतदाता हैं। इस सीट पर बहुकोणीय मुकाबले की तस्वीर दिखाई दे रही है।
तिरहुत स्नातक और शिक्षक सीट
तिरहुत स्नातक सीट पर जदयू ने अभिषेक झा को प्रत्याशी बनाया है। जन सुराज ने डॉ. विमोहन कुमार और राजद ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम को मैदान में उतारा है। डॉ रश्मि विनायक गौतम को राजद ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी रिषी अग्रवाल को प्रत्याशी घोषित किया है। पिछली बार यह सीट जदयू के पास गई थी। तब यहां से देवेश चंद्र ठाकुर चुनाव जीते थे। इस सीट पर करीब 1.35 लाख मतदाता हैं, जो चारों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक हैं। वहीं तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है। जन सुराज ने श्याम नंदन यादव को मैदान में उतारा है। महागठबंधन की ओर से यह सीट भाकपा के मौजूदा विधान पार्षद संजय कुमार सिंह के हिस्से में है। संजय कुमार सिंह लगातार दो बार चुनाव जीत चुके है। लेकिन, यहां कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौर के निर्दलीय मैदान में उतरने से गठबंधन के भीतर अतिरिक्त चुनौती की स्थिति बनी है।

