पटना में चर्चित खान सर कोचिंग संस्थान में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद शिक्षा मंत्री ने ऐलान किया है कि जल्द ही राज्य में नई कोचिंग नीति लाई जाएगी और कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसी जाएगी। इस घटना के बाद उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि राज्य सरकार जल्द ही कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि पटना में कोचिंग संचालकों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की गंदी होड़ लगी हुई है। लेकिन सरकार इस तरह की गुंडागर्दी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इस पूरी घटना पर राज्य के DGP से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने यह भी साफ कहा कि सरकार चाहती है कि कोचिंग संस्थानों पर उसका नियंत्रण हो जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं ना घटें।
नियम के दायरे में आएंगे कोचिंग संस्थान
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में कोचिंग संचालकों की मनमानी को रोकने के लिए सरकार बहुत जल्द एक नई और सख्त नीति बनाने जा रही है। इस नई नीति के तहत सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तैयार की जाएगी जिसमें यह तय किया जाएगा कि कोचिंग को किस तरह और किन नियमों के दायरे में रहकर चलाना है। उन्होंने कहा कि रिजल्ट आते ही बच्चों को अपने संस्थान का छात्र बताने और उन्हें हथियाने की जो होड़ मची है, उस पर कानूनी नकेल कसी जाएगी। खान सर के कोचिंग पर हमले के मामले की पूरी जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर ऐसी सख्त कार्रवाई होगी।
सरकार को अस्थिर करने की बड़ी साजिश
शिक्षा मंत्री ने कोचिंग संचालकों पर एक बेहद गंभीर और राजनीतिक आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कई बार यह देखा गया है कि छात्र आंदोलनों के पीछे कोचिंग संचालकों की मुख्य भूमिका होती है, जो सरकार के खिलाफ छात्रों को भड़काने का काम करते हैं। शिक्षा मंत्री ने खुलासा किया कि हाल ही में हुए टीआरई-4 शिक्षक भर्ती आंदोलन के दौरान भी यह देखा गया कि छात्रों की आड़ में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई थी। सरकार ने ऐसे सभी संदिग्ध कोचिंग संस्थानों और उनके संचालकों की एक विस्तृत रिपोर्ट और सूची तैयार की है जिनके खिलाफ जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले शिक्षकों को भी सख्त चेतावनी दी और कहा कि सरकार के रडार पर कई ऐसे शिक्षक भी हैं जो सरकारी स्कूलों में तो बच्चों को ठीक से नहीं पढ़ाते, लेकिन निजी कोचिंग संस्थानों में जाकर धड़ल्ले से ट्यूशन पढ़ा रहे हैं।