SIR के विरोध तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने पटना में लोकभवन मार्च किया। महागठबंधन के राजभवन मार्च के दौरान जमकर हंगामा और बवाल हुआ। तेजस्वी यादव समेत कई राजद नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शहीद स्मारक चौक के पास आज सुबह महागठबंधन के नेताओं का जुटान हुआ और वहां से उन्होंने लोकभवन मार्च शुरू किया। मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई और विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद तेजस्वी यादव भी बैरिकेडिंग लांघ कर आगे बढ़ गए।

इधर प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत पांच लेयर की बैरिकेडिंग के साथ RAF और बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। वाटर कैनन की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद हैं। तेजस्वी यादव को हिरासत में लेकर जिस गाड़ी में बैठाया गया, उसके आसपास राजद कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। कुछ कार्यकर्ता गाड़ी के ऊपर चढ़ गए और वाहन को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश करते नजर आए। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जिससे वहां कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। विपक्षी मार्च के रूट पर संवेदनशील जगहों पर पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। कई जगहों पर पुलिस की अतिरिक्त टीम भी तैनात की गई है। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने वाटर कैनन की गाड़ियां भी मौके पर उतारा। महागठबंधन की ओर से पहले ही इस मार्च का ऐलान किया गया था जिसमें 7 अक्टूबर को बिहार के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला गया और अब 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का कार्यक्रम रखा गया है।
इधर पुलिस का कहना है कि तेजस्वी यादव या अन्य किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस और मजिस्ट्रेट की गाड़ी से विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को लोकभवन ले जाया गया है। खबर है कि तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और मीसा भारती पुलिस की गाड़ी में राज्यपाल से मिलने लोकभवन गए हैं। विदित हो कि पूरे देश के अलावा बिहार में भी विपक्ष SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। महागठबंधन का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर उसकी आपत्तियों को दूर किया जाना चाहिए। राजभवन मार्च के जरिए विपक्ष अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन राज्यपाल को सौंपने की तैयारी में है। मार्च में इंडिया गठबंधन के कई दलों के नेता, सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल हैं। पटना में प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की चुनौती भी बढ़ गई है।
