बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में तगड़ी बढ़त मिलने के बाद जनसुराज कार्यालय में जश्न का माहौल बन गया है। पार्टी कार्यालय में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने बांकीपुर की संभावित जीत के बाद धन्यवाद यात्रा की तैयारी भी शुरू कर दी है। भाजपा के गढ़ में बढ़त मिलने से जनसुराज खेमे में उत्साह का माहौल है। वहीं काउंटिंग में लगातार बढ़त मजबूत होने की खबरों के बीच जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जीत हो चुकी है। अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। इसके बाद वह मतगणना स्थल से बाहर निकल गए। इधर मतगणना के 14वें राउंड की गिनती के बाद प्रशांत किशोर भाजपा के नीरज सिन्हा से करीब 14 हजार से अधिक मतों से आगे हो गए हैं।
भाजपा कार्यालय में सन्नाटा पसरा
दूसरी तरफ मतगणना के राउंड बढ़ने के साथ ही पटना स्थित भाजपा कार्यालय में सन्नाटा पसरने लगा। आज सुबह पार्टी की ओर से जीत के जश्न की जो तैयारियां की गई थीं, उन्हें फिलहाल रोक दिया गया है। कार्यकर्ताओं ने जीत की खुशी में करीब 200 क्विंटल लड्डू तैयार कराए थे। लेकिन शुरुआती रुझानों के बाद उन्हें हटा दिया गया है। शुरुआती मतगणना में कायस्थ बहुल इलाकों से भी भाजपा को अपेक्षित बढ़त नहीं मिली और पार्टी पांच हजार से अधिक वोटों से पीछे चल रही है। जबकि अभी मुस्लिम बहुल इलाकों के मतों की गिनती शुरू नहीं हुई है।
30 वर्षों से भाजपा का गढ़ बांकीपुर
बांकीपुर विधानसभा सीट पर पिछले करीब 30 वर्षों से भाजपा का कब्जा रहा है। वर्ष 1995 में नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने पहली बार इस सीट पर भाजपा को जीत दिलाई थी। इसके बाद नितिन नवीन लगातार इस सीट से चुनाव जीतते रहे। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण यह सीट रिक्त हुई और उपचुनाव कराना पड़ा। भाजपा इस सीट को अपनी परंपरागत और सबसे मजबूत सीट मानकर चुनाव लड़ रही थी। हालांकि, जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया।