इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में बीते दिन जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों के बीच एसी ठीक करने को लेकर शुरू हुआ विवाद जमकर मारपीट और सिर—फुटौव्वल तक जा पहुंचा। बताया जाता है कि आईजीआईएमएस में जूनियर डॉक्टरों ने बिजली विभाग के कार्यालय में घुसकर इंजीनियर और कर्मियों के साथ मारपीट की जिसमें जेई का सिर फट गया। इस दौरान बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के रिश्तेदार बिजली विभाग के इंजीनियर रिशु मिश्रा के सिर पर डॉक्टरों ने लाठी—डंडों से हमला कर दिया। मारपीट और झड़प में बिजली कर्मियों समेत 4 लोग घायल हो गए। घायलों में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के चचेरे साले इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा समेत सभी को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार लगभग 200 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने इलेक्ट्रिकल विभाग में घुसकर कर्मचारियों और इंजीनियरों के साथ मारपीट की। करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। सूत्रों के अनुसार विवाद की शुरुआत तीन दिन पहले बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुई थी। रेडियोलॉजी विभाग में एसी खराब होने की शिकायत के बाद उसे ठीक कराने के लिए इंजीनियर मौके पर पहुंचे। इस दौरान इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा और कुछ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई।
आरोप है कि उस समय करीब 10 से 20 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने रिशु मिश्रा के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उन्होंने इस घटना की शिकायत संस्थान के निदेशक से की और कार्रवाई की मांग की, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। फिलहाल पुलिस आईजीआईएमएस पहुंची हुई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी डॉक्टरों की पहचान में जुटी हुई है। इस संबंध में पुलिस ने शास्त्रीनगर थाने में 3 नामजद डॉक्टरों और 50 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज की जांच शुरू की है। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।