पटना/बाढ़: पंडारक थाना क्षेत्र के निवासी और तीन लाख रुपये के इनामी वांछित अपराधी भोला सिंह को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार को बाढ़ व्यवहार न्यायालय में पेश किया गया। अदालत में पेशी के बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सीबीआई ने भोला सिंह को 16 मई को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जहां से सड़क मार्ग द्वारा बाढ़ थाना लाया गया। न्यायालय में पेशी के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
वहीं, उसकी एक झलक पाने के लिए समर्थकों की भीड़ भी कोर्ट परिसर के आसपास जुटी रही। जानकारी के अनुसार, भोला सिंह पिछले करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा था और सूरत में अपनी पहचान बदलकर गौतम तथा अमित शर्मा नाम से रह रहा था। उसके खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, अपहरण, रंगदारी समेत 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बताया जाता है कि अपराध की दुनिया में आने से पहले वह सीआरपीएफ का जवान था और कमांडो प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुका था। उसका नाम बिहार के बाहुबली नेता Anant Singh के साथ दोस्ती और बाद में विवाद को लेकर भी चर्चा में रहा है। भोला सिंह पर विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या सहित कई चर्चित मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। वर्ष 2019 में अनंत सिंह के पैतृक आवास पर हुई पुलिस छापेमारी, जिसमें एक AK-47 राइफल बरामद हुई थी, उसकी हत्या की साजिश संबंधी इनपुट के बाद की गई कार्रवाई से जुड़ी बताई जाती है।
पुलिस और प्रतिद्वंद्वियों से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहे भोला सिंह और उसके भाई मुकेश सिंह पर सरकार ने तीन लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हालांकि, मुकेश सिंह पहले ही आत्मसमर्पण कर जमानत पर बाहर है। वहीं, भोला सिंह का नाम वर्ष 2021 में पंडारक पूर्वी के मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल, एएसआई राजेश कुमार तथा लाल बहादुर की हत्या के मामलों में भी सामने आया था। पुलिस और सीबीआई की संयुक्त कार्रवाई के बाद उसकी गिरफ्तारी को क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट