मधुबनी के बाबूबरही थानांतर्गत ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ के पुलिस पिकेट में तैनात एक ASI की करतूत ने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है। यहां बीती रात यह ASI महिला से रंगरेलिया मनाने के चक्कर में एक घर में घुस गया और वहां एक बच्ची के चिल्लाने पर उसने गोलियां चलाकर महिला समेत 2 लोगों की हत्या कर दी। बताया जाता है कि इलाके में इस ऐतिहासिक स्थल की चल रही खुदाई की सुरक्षा के लिए बलिराजगढ़ पुलिस पिकेट में तैनात ASI चंद्रमोहन सिंह बीती रात गांव के एक घर में घुस गया। वहां उसके घर में घुसने के बाद अचानक एक बच्ची चीख उठी जिसे सुनकर गांव के लोग जुट गए। इसके बाद ASI ने अंदर से फायरिंग शुरू कर दी और भाग निकला। इस फायरिंग में एक आदमी की मौके पर ही मौत वहीं हो गई, जबकि एक महिला ने इलाज के लिए ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। ASI की फायरिंग में दो और लोगों को गोली लगी है और फिलहाल वे इलाजरत हैं।

ASI की फायरिंग में मरने वालों के नाम अशोक यादव और फुलो देवी बताए जाते हैं। घटना के बाद से गांव और आसपास क इलाकों में भारी तनाव का माहौल है तथा गांव वालों ने शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लोगों के गुस्से और तनाव को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार मृतक अशोक यादव की बेटी की शादी आगामी 14 दिसंबर को तय थी जिसके लिए वह एक माह पहले ही बेंगलुरु से गांव आया था। अशोक यादव की पत्नी इन दिनों मायके गई हुई है और बीती रात घर में उसकी पुत्री के साथ-साथ पड़ोसी अशोक यादव की पुत्री भी सोई हुई थी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात ASI चंद्रमोहन सिंह गलत नीयत से उस घर में दाखिल हो गया। इसकी भनक लगते ही पड़ोसन फूलो देवी ने सूझबूझ दिखाते हुए बाहर से दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी और तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों की भीड़ से खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपी ASI ने घबराहट और गुस्से में अपनी सर्विस पिस्टल निकाली और 5 से 6 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस अचानक हुई गोलीबारी में चार ग्रामीण अशोक यादव, धनिक लाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव गंभीर रूप से गोलियों की चपेट में आकर घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को बाबूबरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने अशोक यादव को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसी दौरान जख्मी महिला फुलो देवी की भी मौत हो गई जबकि अन्य घायलों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर मधुबनी के एसपी योगेन्द्र कुमार के अनुसार एएसआई सामान लेने के बहाने उस घर में आता-जाता था। इसी दौरान उसका वहां एक महिला के साथ अवैध संबंध बन गया था और वह अक्सर वहां आने-जाने लगा। ग्रामीण पिछले कुछ समय से उसकी इन हरकतों पर कड़ी नजर रख रहे थे और बीती रात उन्होंने उसे रंगे हाथ घेर लिया जिसके बाद उसने फायरिंग कर दी।
बताया जाता है कि इसी वर्ष मई माह में बलिराजगढ़ खुदाई स्थल पर उपद्रव और पुरातात्विक अवशेष चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा वहां एक एएसआई समेत 6 जवानों को तैनात किया गया था जो ड्यूटी के बाद आवासीय बालिका विद्यालय में रहते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह पूर्व में भी कई ऐसे विवादास्पद कांडों में सस्पेंड रह चुका है। फिलहाल आरोपी एएसआई फरार चल रहा है और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने ASI के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन करते हुए छापेमारी शुरू कर दी है। मधुबनी एसपी भी बाबूबरही थाने में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वरीय पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की तथा घटनास्थल का भी बारीकी से मुआयना किया।

