आरा शहर में आज गुरुवार की सुबह—सुबह अपराधियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष और रिटायर्ड कस्टम अफसर रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। आरा के नवादा क्षेत्र में जैन कॉलेज के पास बदमाशों ने घेरकर उन्हें एक के बाद एक करीब 8 गोलियां बेहद करीब से मारी। हत्या के समय उनका बेटा भी मौके पर मौजूद था। गोली लगने के बाद उन्हें आनन-फानन में आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक रामपुकार सिंह बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के रहने वाले थे और रिटायमेंट के बाद वे आरा शहर के कनकपुरी मुहल्ले में अपना घर बनाकर वहीं रह रहे थे। इसके अलावा यह भी बताया गया कि रामपुकार सिंह आरा में नगर रामलीला समिति ट्रस्ट के ट्रस्टी भी थे।

रामपुकार सिंह कस्टम विभाग में सुपरिंटेंडेंट थे और वर्ष 2015 में भागलपुर से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह सामाजिक कार्यों से जुड़ गए और फिलहाल वे क्षत्रिय महासभा बिहार के अध्यक्ष थे। मृतक के बेटे राजेश कुमार के मुताबिक वह रोज सुबह अपने पिता के साथ टहलने के लिए रमना मैदान जाते थे। आज गुरुवार की सुबह भी उनके पिता कार निकाल कर रोज की तरह मॉर्निग वॉक पर जाने के लिए तैयार हुए और पुत्र राजेश भी गाड़ी में बैठ गए। इसी दौरान राम कुमार सिंह गैरेज का गेट बंद करने लगे। तभी तीन हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। राजेश के अनुसार, अपराधियों ने उनके पिता पर बेहद करीब से कई गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस वारदात से उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। गोलीबारी के दौरान पुत्र राजेश गाड़ी में ही बैठे थे। इसी वजह से उनकी जान बच गई।
बताया गया कि राम कुमार सिंह को छह से आठ गोलियां मारी गईं। इनमें छह गोलियां दाहिनी तरफ पेट और सीने के आसपास, एक गोली बाईं तरफ सीने के पास और एक गोली बाईं तरफ गर्दन में लगी। गंभीर रूप से घायल राम कुमार सिंह को स्थानीय लोगों और नवादा थाना पुलिस की मदद से आरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई हत्या की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुत्र राजेश कुमार ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उनके लिए 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी। आरोप है कि इसके बाद आरा के कुछ जमीन माफियाओं ने उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी थी। राजेश के मुताबिक, उनके पिता ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की थी। उन्होंने दावा किया कि जमीन को लेकर पहले भी कई बार उन पर जानलेवा हमले किए गए थे। इसके बावजूद गुरुवार सुबह अपराधियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बेटे ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद के कारण उनके पिता को निशाना बनाया गया। फिलहाल पुलिस के सामने तीन अपराधियों की पहचान करने और वारदात के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने की चुनौती है।
