-कुलपति बोले : सेमीकंडक्टर तकनीक बनेगी शक्ति का नया केंद्र
नवादा : 20वीं सदी में पेट्रोलियम उत्पादों से समृद्ध देशों के आसपास वैश्विक भू-राजनीति का केंद्र रहा है, लेकिन आने वाले समय में सेमीकंडक्टर यानी चिप्स तकनीक में अग्रणी देश दुनिया में प्रभावशाली भूमिका निभायेगी । यह बात नवादा के कन्हाई लाल साहू (केएलएस) कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में वक्ताओं ने कही। ‘ऑयल टू चिप्स’ विषय पर आयोजित सेमिनार का उद्घाटन मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिलीप कुमार केशरी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

तकनीक और शोध पर ध्यान दें विद्यार्थी : -कुलपति
सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. दिलीप कुमार केशरी ने कहा कि विद्यार्थियों को नई तकनीक से जुड़ना चाहिए। आने वाला समय तकनीक का है। उन्होंने छात्रों और प्राध्यापकों से सीमित संसाधनों में भी शोध कार्य को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही विद्यार्थियों को 40 प्रतिशत अध्ययन स्वयंभू ऐप के माध्यम से करने पर बल दिया।
उच्च शिक्षा के निदेशक डॉ. एनके अग्रवाल ने ऑनलाइन माध्यम से सेमिनार को संबोधित किया। केएलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शैलज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि चिप्स देश के विकास और आर्थिक प्रगति की रीढ़ है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सेमीकंडक्टर तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
पेट्रोलियम से चिप्स की ओर बढ़ रही दुनिया
प्राचार्य डॉ. शैलज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल क्रांति का प्रभाव तेजी से दिखाई दे रहा है। आने वाला समय केवल पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भर नहीं रहेगा। प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के विकास के साथ इलेक्ट्रिक वाहन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उपकरणों में भी सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि चीन और ताइवान जैसे देश इस क्षेत्र में तेजी से काम कर रहे हैं, जबकि भारत भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेमिनार में चिप्स और सेमीकंडक्टर तकनीक को आर्थिक विकास तथा तकनीकी आत्मनिर्भरता से जोड़कर चर्चा की।

कुलपति ने कैंटीन का किया उद्घाटन
कार्यक्रम की अध्यक्षता केएलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शैलज कुमार श्रीवास्तव ने की। उद्घाटन सत्र में आरएमडब्ल्यू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार, एसएन सिन्हा कॉलेज वारिसलीगंज के प्राचार्य डॉ. रामचंद्र प्रसाद सिंह, टीएस कॉलेज हिसुआ के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार शर्मा, संचालन सचिव डॉ. एमजेड शहजादा और संयोजक डॉ. शरद सुमन मिश्रा शामिल हुए। कॉलेज के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह के अनुसार, कुलपति ने संस्थापक कन्हाई बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कॉलेज की कैंटीन का उद्घाटन किया।
तकनीकी सत्र में शोध पत्रों पर चर्चा
सेमिनार में कुल 65 शोध सारांश प्राप्त हुए। तकनीकी सत्र में डॉ. एमजेड शहजादा, डॉ. राहुल सूर्य दिनेश, डॉ. मुकेश कुमार और डॉ. शरद सुमन मिश्रा ने ‘ऑयल टू चिप्स’ विषय पर अपने विचार रखे। अनेक शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने वक्ताओं से सवाल पूछे, जिनका जवाब दिया गया।

वरीय प्राध्यापक डॉ. आशीष कुमार कुंडु ने ऑफलाइन सत्र का संचालन किया, जबकि डॉ. अभय प्रताप सिंह ने ऑनलाइन सत्र का संचालन किया। सह-संयोजन डॉ. राहुल सूर्य दिनेश और कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ने किया। संयोजक डॉ. शरद सुमन मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। तकनीकी सत्र के अंत में डॉ. मनोज कुमार शाह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ललन प्रसाद, प्रो. नरेश चंद्र शर्मा, डॉ. साधना कुमारी, डॉ. ज्ञान प्रकाश रत्नेश, डॉ. सुधाकर उपाध्याय, डॉ. अमरनाथ चटर्जी, प्रो. अभिषेक आशीष, प्रो. आजम, डॉ. पदम प्रबोध, प्रो. सत्येंद्र पासवान, प्रो. अशोक कुमार गुप्ता, डॉ. वाहिद हसन रजा, डॉ. शिवचंद्र कुमार, प्रो. विकास कुमार निराला, डॉ. गोपाल प्रसाद, डॉ. अमरदीप कुमार सहित अन्य शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
भईया जी की रिपोर्ट
