राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बीते दिन एक समारोह में बड़ा बयान देते हुए कहा कि लव और कुश अलग—अलग सामाजिक समूह नहीं, बल्कि एक छतरी की तरह हैं जहां इनके बीच की एकजुटता इन्हें सत्ता की गारंटी देता है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में लव-कुश की राजनीति महज जातियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक ऐसी छतरी है जिसके तहत पिछड़े और शोषित तबके के लोग आते हैं। ऐसे में जदयू हो या भाजपा या कोई और दल, लव और कुश अगर एक हैं तो सेफ हैं तथा अगर वे आपस में बंटेंगे तो कटेंगे। दरअसल बीते दिन पटना के बापू सभागार में ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक महामंथन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा ने उपरोक्त बातें कहीं। इस मौके पर वहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार सहित कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
अपने संबोधन में कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल तक कुर्सी पर रहे। मेरी बात थोड़ी अलग किस्म की हो सकती है, परंतु मेरा कहना है कि कुर्सी औऱ विचारधारा दोनों ही अलग-अलग चीज है। नीतीश कुमार ने सभी सामाजिक समूहों को जोड़ने का काम किया, जिससे यह राजनीतिक समीकरण मजबूत हुआ। लेकिन उन्हें इसके लिए संघर्ष करना पड़ा क्योंकि उन्हें सत्ता विरासत में नहीं मिली। नीतीश को केवल विचारधारा ही विरासत में मिली। कुशवाहा ने लवकुश समाज को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि हम एक हैं तो सेफ हैं। लेकिन अगर बंटेंगे तो कटेंगे। कुशवाहा ने कहा कि यदि आपस में कोई समस्या या मतभेद हो तो उसे आपस में बैठ बातचीत कर सुलझाना चाहिए।
उनका इशारा जदयू और बाकी दलों में मौजूद लवकुश समाज के बीच अंतरद्वंद्वों की तरफ था। उन्होंने कहा कि आपस में अंतरद्वंद्व नहीं होना चाहिए। अगर किसी तरह की समस्या या मतभेद हो तो आपस में बैठकर बातचीत कर उसे सुलझाएं। जानकारी के अनुसार इस समारोह के आयोजन का उद्देश्य लव-कुश समाज के विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट प्रतिभाओं और महिला अधिकारियों को सम्मानित करना था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, उपेंद्र कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार और मंत्री शीला कुमारी आदि भी मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 1994 में लव और कुश समाज ने एक होकर पहली बार लवकुश सम्मेलन का आयोजन किया था। इसी का नतीजा था कि आगे चलकर इस समाज ने राजनीतिक स्वरूप ग्रहण किया और राजनीतिक दलों को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने लवकुश समाज से एक मुटठी की तरह एकजुट रहने का आह्वान किया।
