पटना : पटना में मंगलवार को एक बार फिर छात्र आक्रोश सड़कों पर आ गया। पांच सूत्री मांगों को लेकर ‘छात्र युवा संघर्ष मोर्चा’ और वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े सैकड़ों छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकल पड़े। रामगुलाम चौक से शुरू हुए इस जुलूस को रोकने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः डाकबंगला चौराहे पर उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
छात्रों का यह जुलूस रामगुलाम चौक से शुरू होकर गांधी मैदान के गेट नंबर 12 की तरफ बढ़ा, जहाँ पुलिस ने शुरुआती बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस से धक्का-मुक्की करते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुँच गए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस की सख्त बैरिकेडिंग के बावजूद जब छात्र आगे बढ़ने पर अड़े रहे, तब पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा और डाकबंगला पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रमुख मांगें :-
1. विश्वविद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर तत्काल बहाली।
2. विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 को निरस्त करने के प्रस्ताव की वापसी।
3. सीवान और जहानाबाद में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच।
4. दोषी पुलिस अधिकारियों (SP-DSP स्तर) की जवाबदेही तय कर कार्रवाई।
5. पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों को मुआवजा।
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं और छात्राओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि सीवान और जहानाबाद समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों को बलपूर्वक दबाया जा रहा है। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक विश्वविद्यालय सुधार और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच से जुड़ी उनकी पांचों मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।