नवादा : जिले में आपूर्ति व्यवस्था में अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों की हो रही बंदरबांट के खेल का भांडा फूटने लगा है। भांडा तब फूटा जब जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने सिरदला प्रखंड बड़गांव पंचायत की अमोखरी पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह पर अपने परिवार के नाम अंत्योदय राशन कार्ड पर फर्जी खाद्यान्न का मामला उठाया।
उक्त मामले में रजौली अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा पीडीएस विक्रेता से स्पष्टीकरण की मांग की। विरेन्द्र सिंह ने एसडीएम को स्पष्टीकरण का जबाब दिया उसे देख आप भी चौंक जाएंगे। उन्होंने राशन कार्ड बनाने से लेकर खाद्यान्न की प्रतिमाह करोड़ों रुपए मूल्य की हेराफेरी के लिए पूरे सिस्टम को जवाबदेह करार दे दिया। आश्चर्य यह कि उल्टे उक्त आरोपों के जबाव की मांग रजौली एसडीओ से कर दी।
और तो और जबाब नहीं मिलने पर उच्च न्यायालय में चुनौती देने के साथ सीबीआई जांच की मांग संबंधित अधिकारियों से की है। स्पष्टीकरण की प्रति मुख्यमंत्री समेत तमाम अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। ऐसा करने वाले पहले पीडीएस विक्रेता हैं जिन्होंने अपने उपर लगाये गये आरोपों के जबाव में पूरे सिस्टम को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल क्या इसकी जांच सीबीआई से कराई जाएगी?
भईया जी की रिपोर्ट