नवादा : बचपन में देखे गए सपने अगर जुनून बन जाएं तो मंजिल दूर नहीं रहती। जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र के बरेव गांव से जुड़े देवराज ने इसे सच साबित कर दिखाया है। महज आठ साल की उम्र में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले देवराज ने रूस से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर अपने परिवार ही नहीं, पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है।
NEET पास किया, फिर चुना विदेश का रास्ता
देवराज शुरू से ही मेधावी छात्र रहे। वर्ष 2020 में उन्होंने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। भारत में उत्तर प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज में दाखिले का अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने बेहतर वैश्विक अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से रूस की प्रतिष्ठित पर्म स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी का चयन किया। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर ली।
रूस में मिली डिग्री, दिल में बसता है भारत
हाल ही में आयोजित दीक्षांत समारोह में रूस के स्वास्थ्य मंत्री रोजहनेव एवगेनी वेलेरिवीच ने देवराज को एमबीबीएस की डिग्री प्रदान की। मौके पर देवराज ने कहा कि उन्हें अपनी मातृभूमि भारत से बेहद प्रेम है और भारतीय होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य अपने ज्ञान और चिकित्सा सेवा के माध्यम से देश के लोगों की सेवा करना है।
परिवार की खुशियां, गांव का बढ़ा मान
देवराज सेवानिवृत्त शिक्षक शारदा पांडेय और स्वर्गीय प्राणेश्वरी देवी के नाती हैं। उनके पिता रविंद्र कुमार पांडेय और माता डॉ. शशिकला कुमारी हैं। बेटे की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गौरवान्वित है, वहीं बरेव गांव में भी खुशी का माहौल है। लोग इसे गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बता रहे हैं।
बधाइयों का लगा तांता
देवराज की सफलता पर उनके मामा विजय पांडेय (चुन्नू पांडेय), विनय पांडेय, संजय पांडेय सहित कई सामाजिक और शिक्षाविदों ने शुभकामनाएं दीं। वरीय नागरिक संघ के राष्ट्रीय प्रतिनिधि ललित किशोर शर्मा समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि देवराज अपने ज्ञान और सेवा से समाज के लिए नई मिसाल कायम करेंगे।
भईया जी की रिपोर्ट