पटना/भोजपुर। जबैनिया गांव के कटाव पीड़ितों के पुनर्वास की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की हत्या के बाद प्रशासन ने पुनर्वास कार्य में तेजी दिखाई है। भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देश पर विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ज्ञात हो कि गत वर्ष गंगा नदी के कटाव में जबैनिया गांव के विलीन हो जाने के बाद वहां के विस्थापित परिवारों को पुनर्वास के लिए बिलौटी गांव में भूमि आवंटित की गई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि आवंटित भूमि गड्ढेनुमा होने के कारण बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या बनी रहती थी। समाजसेवी भरत भूषण तिवारी इसी भूमि की मिट्टी भराई एवं विस्थापित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर लगातार राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी ने डीएम, एसडीएम, सीओ सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनकी हत्या के बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया। वहीं, पुनर्वास योजना के लिए आवंटित राशि के उपयोग को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 2 जुलाई 2026 को भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार शाहपुर के अंचल अधिकारी द्वारा जबैनिया बाढ़ कटाव से प्रभावित 57 भूमिहीन परिवारों के बीच भूमि का पर्चा वितरित कर उन्हें बिलौटी पुनर्वास टाउनशिप में बसाया गया। इससे पूर्व 70 भूमिहीन परिवारों को भी भूमि का पर्चा देकर पुनर्वासित किया जा चुका है।
जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ कटाव प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास के लिए बिलौटी में एक सुव्यवस्थित पुनर्वास टाउनशिप विकसित की जा रही है। पुनर्वासित परिवारों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल, शत-प्रतिशत विद्युत कनेक्शन तथा मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पहुंच पथ की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही जलजमाव की समस्या के समाधान हेतु सॉयल फिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी कराया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि सभी 127 पुनर्वासित परिवारों को आवास योजना से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 70 लाभार्थियों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं तथा प्रथम किस्त की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र के समग्र विकास एवं सामाजिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र तथा सामुदायिक भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रगति पर है। जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ कटाव प्रभावित परिवारों के सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी पुनर्वास के लिए वह प्रतिबद्ध है तथा पुनर्वास टाउनशिप का विकास गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट