पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायकों की बगावत के बाद अब टीएमसी सांसदों ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है। खबर है कि टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर उन्हें एक पत्र सौंपा है जिसमें उन्हें अलग गुट बनाने की सूचना देते हुए लोकसभा में अलग बैठने की जगह देने की मांग की गई है। इसके साथ ही इन बागी सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की भी इच्छा जताई है। टीएमसी में सांसदों की बगावत ऐसे वक्त में सामने आई है, जब पार्टी की मुखिया ममता बनर्जी भी इंडिया ब्लॉक की मीटिंग के लिए दिल्ली में मौजूद हैं।
भूपेंद्र यादव के घर गोपनीय बैठक
सूत्रों के अनुसार आज सोमवार को दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के सरकारी आवास पर भाजपा और टीएमसी के बागी नेताओं की एक बेहद गोपनीय बैठक हुई। इस बैठक की खबर जैसे ही मीडिया में आई, हड़कंप मच गया। सूत्रों का दावा है कि इस वीआईपी बंगले के भीतर टीएमसी के 20 बागी सांसद पहुंचे हुए थे, जो ममता बनर्जी के दिल्ली में रहते हुए भी पार्टी से बगावत का बिगुल फूंक रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि यह बैठक ठीक उसी समय हो रही है जब यहाँ से कुछ ही किलोमीटर दूर कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन की बैठक चल रही है, जहां खुद ममता बनर्जी मौजूद हैं।
सुखेंदु शेखर के इस्तीफे से हड़कंप
इस पूरे घटनाक्रम में टीएमसी को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अचानक अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद ही वे सीधे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे। सूत्रों का दावा है कि इस बैठक में बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी के अलावा त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब और पश्चिम बंगाल बीजेपी के बड़े नेता भी मौजूद थे। करीब दोपहर दो बजे तक वहां बैठक करने के बाद टीएमसी के बागी सांसद अब भी वहीं डटे हुए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में टीएमसी के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय के अलावा जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान, काकोली घोष दस्तीदार, पार्थ भौमिक, कालीपद सोरेन और जून माल्या जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं।