BPSC द्वारा अप्रैल में आयोजित AEDO भर्ती परीक्षा के दौरान हुए पेपर लीक कांड में EOU ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र BARC में कार्यरत एक टेक्निकल असिस्टेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र स्थित ककरिया गांव निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई है। आर्थिक अपराध इकाई का आरोप है कि रौशन कुमार ने परीक्षा केंद्र में फर्जी पहचान के साथ प्रवेश कर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की थी। EOU के अनुसार अप्रैल 2026 में आयोजित AEDO भर्ती परीक्षा के दौरान धांधली की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई जिस दौरान कई तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर इसमें रौशन कुमार की संलिप्तता सामने आई।
इसके बाद एक एएसपी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने मुंबई पहुंच कर ट्रॉम्बे स्थित BARC परिसर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जा रहा है जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। EOU के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि 17 अप्रैल 2026 को नालंदा जिले के सोहसराय स्थित पीएल साहू हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर रौशन कुमार मौजूद था। जांच एजेंसी के अनुसार, अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसने परीक्षा केंद्र पर मोबाइल जैमर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों जैसी टी-शर्ट पहन रखी थी। इसी वेशभूषा का फायदा उठाकर वह परीक्षा केंद्र के भीतर घूमता रहा, जिससे किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। जांच एजेंसी का मानना है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक रौशन कुमार की नियुक्ति वर्ष 2025 में देश की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्था भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र , मुंबई में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर हुई थी। वह वर्तमान में वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संस्था में कार्यरत होने के बावजूद उसका नाम भर्ती परीक्षा में कथित सेटिंग और धांधली के मामले में सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का सहारा लेकर परीक्षा केंद्र के सुरक्षा प्रबंधों में सेंध लगाने की कोशिश की थी। अब EOU उससे यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे मामले में उसकी भूमिका क्या थी और उसके संपर्क किन लोगों से थे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी सॉल्वर गैंग, दलाल या परीक्षा माफिया के लिए काम कर रहा था।