बिहार में बंगले पर चल रही सियासत के बीच CM सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि बंगला किसी की बपौती नहीं। कुछ लोगों को सरकारी बंगले से मोह हो गया है। मां-बाप और बेटा सबको अलग घर चाहिए। इन लोगों को यह बात याद रखनी चाहिए कि वो लोक सेवक हैं। लेकिन सरकारी बंगले से मोह लगाकर सरकार के आदेश की अवहेलना करने पर तुले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिस दिन उनके नेता और पार्टी का आदेश होगा, उसके 24 घंटे के अंदर वो CM आवास खाली कर देंगे और झोला उठाकर अपने निजी आवास में शिफ्ट हो जाएंगे।
राबड़ी देवी की बंगले वाली जिद
दरअसल, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेत्री राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने 27 मई 2026 को यह बंगला बिहार सरकार के दुग्ध एवं मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है। इसके बदले राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। विभाग की ओर से राबड़ी देवी को तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है और बंगला खाली करने के लिए 15 दिनों का समय भी दिया गया है। लेकिन राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने से इनकार कर दिया है। वे 10 सर्कुलर रोड वाले पुराने बंगले में ही रहने की जिद पर अड़ी हुईं हैं।
जानकारी के अनुसार राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले में लालू परिवार साल 2005-06 से ही रह रहा है। अब सरकार की ओर से बंगला खाली करने का आदेश दिए जाने के बावजूद राबड़ी देवी ने इसे छोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार में हिम्मत है तो उन्हें जबरन हटाकर दिखाए। वहीं उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। राजद ने राबड़ी से बंगला खाली कराने के सरकार के कदम को सत्ता के अहंकार से जोड़ा है। बिहार में सरकारी बंगलों को लेकर सियासत कोई नई बात नहीं है। इससे पहले महागठबंधन सरकार के दौरान उपमुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी यादव को 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। बाद में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीतिक समीकरण बदले और एनडीए के साथ सरकार बनाई, तब तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पोलो रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया। हालांकि, तेजस्वी यादव ने 5 देशरत्न मार्ग का बंगला खाली करने से इनकार कर दिया था और मामला अदालत तक पहुंच गया था। कोर्ट ने इस मामले में उन्हें फटकार लगाई थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसके बाद उन्होंने बंगला खाली किया।