नवादा : जिला मुख्यालय समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुदरत का कहर बनकर टूट रही भीषण गर्मी और जानलेवा लू ने आम जनजीवन को पूरी तरह पंगु बना दिया है। पिछले कई दिनों से पारा लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे जिले में हाहाकार मचा है। आसमान से आग उगलते शोले और उमस का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इसका शिकार सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षी भी हो रहे हैं।
सुबह से ही बरसने लगती है ‘आग’, दोपहर होते ही पसर जाता है सन्नाटा
जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों में सुबह की शुरुआत के साथ ही सूरज की तपिश और गर्म पछुआ हवाओं का दौर शुरू हो जाता है। लौंद, बरदाहा, खनपुरा, बाँधी, खटांगी, रमरायचक, अकौना, ठेकाही, मेसकौर, रजौली, गोविंदपुर सहित हजारों गांवों में लोग भीषण तपन से त्रस्त हैं। दोपहर होते ही लू के थपेड़ों के कारण स्थिति ऐसी हो जाती है कि जिले की मुख्य सड़कें और व्यावसायिक बाजार पूरी तरह सुनसान व वीरान नजर आते हैं। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
सूखने लगे तालाब और जलस्रोत, प्यास से तड़प रहे बेजुबान
भीषण तपन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक तालाब, आहर और छोटे जलस्रोत तेजी से सूखने लगे हैं। पानी के अभाव में पालतू और आवारा मवेशियों को पानी की तलाश में मीलों भटकना पड़ रहा है। प्यास से बेहाल पक्षी पानी की आस में रिहायशी इलाकों और पेड़ों के आसपास मंडराते देखे जा रहे हैं। इस संकट के बीच कई गांवों में स्थानीय लोग मानवता का परिचय देते हुए अपने छतों और घरों के बाहर बर्तनों में पानी रखकर पक्षियों को राहत देने का सराहनीय प्रयास कर रहे हैं।
मजदूर और किसान सबसे ज्यादा परेशान, अस्पतालों में बढ़ने लगी भीड़
जानलेवा मौसम की सबसे तगड़ी मार रोज कमाने-खाने वाले दैनिक मजदूरों और अन्नदाताओं पर पड़ी है। लू के कारण खेतों में काम करने वाले किसान और निर्माण साइटों पर काम करने वाले मजदूर अब सिर्फ सुबह और शाम के वक्त ही सीमित काम कर पा रहे हैं। दोपहर में काम करना जान जोखिम में डालने के समान है। दूसरी ओर, भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। सदर अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में तेज बुखार, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में अचानक तेजी से इजाफा हुआ है।
प्रशासन की अपील : घरों में रहें सुरक्षित; ग्रामीणों ने की प्याऊ लगाने की मांग
बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से बेहद जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलने की अपील की है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नींबू पानी पीने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी है। इधर, जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला मुख्यालय समेत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर राहगीरों के लिए अविलंब सरकारी स्तर पर पेयजल (प्याऊ) और चापाकलों की मुकम्मल व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को इस तपन में थोड़ी राहत मिल सके।
भईया जी की रिपोर्ट