मुजफ्फरपुर। जिला पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश और साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी वेबसाइटों के जरिए अवैध सरकारी दस्तावेज तैयार कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 4 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, साइबर थाना मुजफ्फरपुर को पटना स्थित साइबर क्राइम सिक्योरिटी यूनिट से एक अत्यंत गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि babartpcs.xyz और rajmistri.shop/admin जैसी संदिग्ध वेबसाइटों का उपयोग कर अवैध तरीके से सरकारी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। इस गिरोह ने भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र के साथ-साथ आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाने का अवैध कारोबार फैला रखा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने मुजफ्फरपुर के औराई, सरैया और सीतामढ़ी जिले के भिठ्ठा थाना क्षेत्रों में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान शिवम कुमार (औराई, मुजफ्फरपुर), राजू कुमार (औराई, मुजफ्फरपुर), अनुराग कुमार झा (भिठ्ठा, सीतामढ़ी), बिपिन कुमार (सरैया, मुजफ्फरपुर) के रूप में हुई है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया है।
अपराधियों के पास से लैपटॉप, सीपीयू (CPU), मॉनिटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, फिंगरप्रिंट स्कैनर, स्कैनर मशीन आदि विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्रों की फर्जी स्लिप और जाली मोहरें के साथ बैंक दस्तावेज और आधार कार्ड की छायाप्रतियां जब्त की गई है। इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर मुजफ्फरपुर साइबर थाने में कांड संख्या- 72/2026 एवं 73/2026 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों या जिलों से जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की है।