नवादा : सरकार घोषणा कर रही है कि सरकार की सभी योजनाएं निर्वाध रूप से धरातल पर उतारा जाए। लेकिन जिले के रजौली प्रखंड में विद्यालयों में चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी मध्याह्न भोजन योजना प्रखंड क्षेत्र के लगभग 25-30 विद्यालयों में 20 दिनों से भोजन बंद है। बावजूद जिला के पदाधिकारी डीपीओ से लेकर एमडीएम पदाधिकारी तक कुंडली मारकर मूकदर्शक बने हुए है।
बताया जाता है कि सरमसपुर, चोथा, कसियाडीह फुलवरिया, सपही, करमाकला, बाराटांड़ सवैया, सिमरातरी उर्दू मरमो, सलेमपुर, खिजुआ हिन्दी मध्य विद्यालय अमावां, मांगोडीह गंगटिया, बिराज भूपतपुर, फरकाबुजुर्ग, घसियाडीह, गढ़ दिबौर, दलित टोला डीह रजौली, रतनपुर आदि विद्यालयों में करीब बीस दिनों से एमडीएम बंद है।
ऐसे में विद्यालयों में छात्र- छात्राओं की उपस्थिति प्रभावित हो रही है। आश्चर्य यह कि प्रधानाध्यापकों पर बंद न होने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में एमडीएम खाद्यान्न की कालाबाजारी की आशंका है। संबंधित विद्यालयों के अभिभावकों ने खाद्यान्न निदेशक विनायक मिश्रा को आवेदन देकर मामले की जांच कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
भईया जी की रिपोर्ट