पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत लालू परिवार की सुरक्षा और आवास खाली कराने को लेकर आज बुधवार को राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एक लंबे अरसे के बाद खुलकर बयान दिया। उन्होंने सम्राट सरकार द्वारा लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड प्लस सुरक्षा वापस लिए जाने के लिए सीधे—सीधे पूर्व मुुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। लालू ने साफ कहा कि यह सबकुछ नीतीश कुमार करवा रहे हैं। लालू यादव ने इस मामले पर खुलकर कहा कि उनकी सुरक्षा हटाए जाने के पीछे नीतीश कुमार का हाथ है। दरअसल, जेपी आंदोलन के समय से नीतीश कुमार के पुराने साथी लालू यादव से पटना में पत्रकारों ने सुरक्षा में कटौती को लेकर सवाल किया था। खराब सेहत की वजह से बहुत कम बात करनेवाले लालू यादव ने इस पर जवाब दिया कि—’हां, हो गया है। नीतीश कुमार सब कुछ किया है’।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में लालू यादव के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें लालू यादव पटना की सड़कों पर बिना किसी सरकारी सुरक्षा के कार से जाते दिखाई दे रहे हैं। बिहार की राजनीति में हाल के दिनों में लालू परिवार इस कारण चर्चा में रहा कि सरकार ने लालू परिवार, यानी राबड़ी देवी सहित तेज प्रताप यादव के सुरक्षा में कटौती कर दी थी। इसके अलावा राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया था। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर अब काफी गैप के बाद लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार पर सीधा और बड़ा प्रहार किया है। दरअसल, बिहार सरकार के गृह विभाग ने 4 जून को लालू परिवार के सदस्यों के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था का आदेश जारी किया था। इसके तहत लालू यादव, राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जेड प्लस (Z+) सुरक्षा को हटा दिया गया।
साथ ही लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को मिली Y श्रेणी की सुरक्षा को भी कम करते हुए उन्हें सिर्फ 1 बॉडीगार्ड दिया गया। इसके बाद से ही बिहार में इसे लेकर सियासत गरमा गई। लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने अपनी सुरक्षा में तैनात बाकी पुलिसकर्मियों को भी वापस लौटा दिया। इसी तरह तेजस्वी यादव ने वन पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी से वापस भेज दिया। बाद में लालू यादव की बेटी और लोकसभा सांसद मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा लौटा दी। वहीं तेज प्रताप यादव ने पहले तो इस मुद्दे पर कहा कि किसी की सुरक्षा वापस नहीं ली गई है, बल्कि सरकार ने उनके परिवार के सुरक्षा कर्मियों का कमांड ही काट दिया है। लेकिन, 15 जून को उन्होंने परिवार के साथ एकजुटता जुटाते हुए बड़ा कदम उठाया और बिहार सरकार की तरफ से मिली सुरक्षा को वापस कर दिया। तेजप्रताप ने साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि अब उनकी सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना की जवाबदेही सरकार की होगी।