जिस दिन नीतीश कुमार ने राज्यसभा की शपथ ली, उसी दिन जदयू के ही दरकिनार किये गए नेता हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के लिए मनोनित करवाकर बीजेपी ने बड़ा खतरा मोल ले लिया है। सूत्रों के अनुसार JDU इस मामले में भाजपा के एकतरफा फैसले से नाराज बताई जाती है। जदयू नेतृत्व को इस बात से गुरेज है कि आखिर हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा भेजने का क्या तुक है? अगर भेजना ही था तो इस बिंदु पर पहले विचार-विमर्श क्यों नहीं हुआ? हाल के दिनों में हुई जदयू पार्टी की तमाम बैठकों से गायब रहने वाले हरिवंश नारायण को राज्यसभा भेज दिया गया। जबकि जदयू ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी निकाल दिया था। यहां तक कि हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में उनके नाम पर जदयू में विचार तक नहीं किया गया।
क्यों टालनी पड़ी दिल्ली में BJP कोर ग्रुप की बैठक?
ऐसे में BJP द्वारा हरिवंश को राष्ट्रपति के माध्यम से राज्यसभा में मनोनित करवा देने से जदयू भड़क उठी है। जदयू का मानना है कि जिन हरिवंश ने JDU के व्हिप के विरुद्ध जा कर अपनी मर्जी का किया, उन्हें ही भाजपा पुरस्कृत कर कौन से गठबंधन धर्म का संदेश दे रही है। जदयू नेता विजय चौधरी ने इस मुद्दे पर प्रखर होकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले को भाजपा ने आखिर किस बात का इनाम दिया। सूत्रों के अनुसार हरिवंश के मुद्दे पर बिहार में एक बार फिर से जदयू और बीजेपी के बीच तनाव का माहौल बनता दिख रहा हे। इसकी एक प्रतिक्रिया बिहार के नए सीएम फेस के तौर पर फिर से निशांत कुमार का नाम उछाले जाने के रूप में सामने आया है। अब यह मांग भी जोर पकड़ने लगी है कि मुख्यमंत्री जदयू का ही होना चाहिए। जदयू नेता कहने लगे हैं कि हमें मैंडेट ‘2025 से 2030, फिर से नीतीश’, के नाम पर मिला है। ऐसे में जदयू का सीएम नहीं होगा तो यह जनता के मैंडेट का अपमान होगा।
विजय चौधरी के गोलमोल जवाब से असमंजस
इधर बीजेपी सूत्रों की मानें तो हरिवंश के मनोनयन से पैदा हुई यही वह बड़ी वजह है जिसके बाद आनन—फानन में दिल्ली में बिहार का नया सीएम तय करने के लिए होने वाली बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक को टालना पड़ा। कल ही 10 अप्रैल हो होने वाली इस कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होने के लिए बीजेपी के दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समेत सभी बड़े नेता दिल्ली पहुंच चुके थे। लेकिन अंतिम समय में बैठक को टाल दिया गया। इसके बाद सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत बीजेपी की कोर टीम के तमाम बड़े नेता पटना वापस लौट गए। उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा पद की शपथ दिलाने विजय चौधरी जब पटना लौटे तो पत्रकार ने पूछा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? विजय चौधरी ने कहा कि ‘सब हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शपथ ले ली है, अब तो बिहार के मुख्यमंत्री जल्द तय हो जाएंगे। लेकिन इसके साथ ही विजय चौधरी ने साफ कहा कि शपथ लेने का मतलब सरकार बनाना थोड़े न हो जाता हैं! इसके लिए इस्तीफा देना जरूरी होता है’। यानी सीएम नीतीश इस्तीफा कब देंगे, इस जवाब को उन्होंने गोल कर दिया। लेकिन विजय चौधरी के इस गोलमोल जवाब के बाद बिहार में सियासी हड़कंप मच गया है और बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है।