बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए मतदान शुरू जारी है और ओवैसी की पार्टी AIMIM द्वारा तेजस्वी की राजद को समर्थन से यह चुनाव काफी रोचक हो गया है। सबकी निगाहें पांचवीं सीट पर टिकी है, जबकि एनडीए और महागठबंधन ने इसमें पूरा दमखम लगा दिया है। AIMIM और बहुजन समाज पार्टी के विधायक राज्यसभा चुनाव में आरजेडी के साथ आ गए हैं। लेकिन इधर महागठबंधन के एक अहम सहयोगी कांग्रेस के 3 विधायकों ने महागठबंधन की चिंता बढ़ा दी है। वाल्मिकीनगर विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा, फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास और एक अन्य कांग्रेस विधायक से पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा AIMIM के भी एक विधायक पर महागठबंधन के नेताओं को संदेह है।
डर गया विपक्ष, एनडीए का दावा
इधर विधानसभा परिसर में आज सुबह से ही काफी गहमागहमी बनी हुई है। मतदान केंद्र पर पहुंचे NDA के मंत्रियों और विधायकों ने न केवल अपनी जीत का पूरा भरोसा जताया, बल्कि विपक्ष पर जोरदार हमला बोला और साथ ही क्रॉस-वोटिंग की संभावना के भी संकेत दिए। मंत्री संजय कुमार पासवान ने कहा कि डर के मारे विपक्ष ने अपने विधायकों को होटल में कैद कर रखा था। लेकिन खबर मिली है कि वहां से भी 2-4 विधायक भाग निकले हैं। जब अपने ही घर में भरोसा न हो, तो जीत की उम्मीद कैसे की जा सकती है? वहीं जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष की होटल पॉलिटिक्स पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सभा चुनाव के नतीजे लगभग तय है। उन्होंने कहा, ‘चुनाव हो रहे हैं और नतीजे भी स्पष्ट हैं। एनडीए के पांचों उम्मीदवार प्रबल और प्रचंड बहुमत से जीतेंगे।
कांग्रेस के 4 MLA लापता
इसबीच खबर है कि महागठबंधन ने अपने सभी विधायकों को एक होटल में रुकने को कहा था। बीते दिन रविवार दोपहर से ही विधायक यहां इकट्ठा हो रहे थे। बसपा के इकलौते विधायक सतीश यादव और AIMIM के विधायक भी होटल पहुंचे। हालांकि, कांग्रेस के 4 विधायक अब तक होटल नहीं पहुंचे। इनमें से दो विधायकों से कोई संपर्क नहीं हो रहा है। चनपटिया से विधायक अभिषेक रंजन और किशनगंज विधायक कमरुल होदा ही होटल पहुंचे थे। दो अन्य विधायक मनोहर प्रसाद, आबिदुर रहमान से नेताओं की बात हो रही है। लेकिन बाल्मिकीनगर विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा, फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास से पार्टी नेता संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। मालूम हो कि सुरेंद्र कुशवाहा 2015 का चुनाव उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी से लड़ चुके हैं और हाल में ही उनसे उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने मुलाकात भी की थी। वहीं मनोज विश्वास भी जदयू से राजद होते हुए कांग्रेस में शामिल हुए थे। इन दोनों विधायकों के क्रॉस वोटिंग की आशंका है।
एनडीए की चुनावी रणनीति
राज्यसभा चुनाव में एनडीए क्रॉस वोटिंग के साथ-साथ विपक्षी खेमे के विधायकों को एब्सेंट कराने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। भाजपा के एक नेता ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि जो विपक्षी विधायक हमें वोट करने के लिए तैयार नहीं हैं, हमने उन्हें एब्सेंट होने के लिए मनाया है। ताकि विनिंग कोटा 41 से घट जाए और हमारे उम्मीदवार की जीत हो जाए। मालूम हो कि आज 16 मार्च को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग चल रही है। इस बार राज्यसभा में खाली हुई 37 सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए हैं। जबकि बाकी 11 सीटों के नतीजे आज शाम घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं।