तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रमों के बीच आज शनिवार की सुबह अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे। वहां राजभवन में उन्होंने बिहार के निवर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से करीब 10 मिनट तक मुलाकात और बातचीत की। सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार विदाई प्रोटोकॉल के तहत राज्यपाल से राजभवन जाकर यह मुलाकात की है। बताया जाता है कि इस मौके पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी है। बिहार के मौजूदा सीएम नीतीश अपनी नई पारी राज्यसभा सदस्य के रूप में करने वाले हैं। इसको लेकर उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन भी कर दिया है। हालांकि इस तरह अचानक उनकी गवर्नर से इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चा भी शुरू हो गई है। यह भी अटकलें हैं कि उन्होंने अपना इस्तीफा देने की टाइमिंग पर भी राज्यपाल से बात की है।
जानें कैसे पद छोड़ राज्यसभा जाने को राजी हुए नीतीश?
जानकारी के अनुसार आज शनिवार की सुबह सीएम नीतीश कुमार अपने आवास एक अणे मार्ग से सीधे राजभवन पहुंचे। सीएम नीतीश कुमार राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से क्यों मिलने पहुंचे हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि वे राज्यपाल से विदाई प्रोटोकॉल के तहत मिलने पहुंचे थे। कुछ लोग उनकी इस मुलाकात को उनके इस्तीफा से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। इधर सियासी और मीडिया के गलियारों में सीएम के इस्तीफे की भी अटकलें तैर रही हैं। मालूम हो कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना लगभग तय हो गया है। उन्होंने इसके लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है। ऐसे में उनका इस्तीफा अभी देना या कुछ दिन बाद, बस औपचारिकता भर रह गया है। बिहार में अब भाजपा का सीएम और जदयू से एक निशांत का एकमात्र डिप्टी सीएम बनना तय हो गया है।
अमित शाह, ललन, संजय और विजय ने मनाया
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान नारा दिया गया था ‘2025 से 2030, फिर से नीतीश कुमार।’ लेकिन 2030 से पहले ही नीतीश कुमार के बिहार की राजनीति छोड़कर दिल्ली की राजनीति में जाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि इसकी तैयारी पिछले करीब 15 दिनों से चल रही थी। उनके मुताबिक,चर्चा की शुरुआत नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राज्यसभा में भेजने के विकल्प से हुई थी। जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, यह बात जोर पकड़ने लगी कि यह समय नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए एक उपयुक्त मौका बन सकती है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने कुछ सहयोगियों के साथ बातचीत में इसके संकेत देते हुए कहा कि नीतीश कुमार की सेहत वाकई चिंता का विषय है और राज्यसभा की सीट बिहार के सबसे बड़े नेता के लिए एक सम्मानजनक विदाई हो सकती है। इसके बाद इस दिशा में तैयारियां शुरू हुई।
नीतीश को इन तीनों ने समझाकर किया तैयार
सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर नीतीश कुमार से बातचीत करने से पहले अमित शाह ने जदयू के तीन वरिष्ठ नेताओं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन ‘ललन’ सिंह, राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ कई दौर की चर्चा की। बातचीत की शुरुआत निशांत को लेकर की गई थी। बीजेपी नेतृत्व ने सुझाव दिया कि निशांत को राज्य की राजनीति में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद निशांत की मुलाकात अमित शाह से कराई गई। सूत्रों का कहना है कि विजय कुमार चौधरी ने इस मुद्दे पर नीतीश कुमार से बातचीत शुरू की, जबकि जदयू के बाकी दो नेताओं ने भी इस प्रक्रिया में उनका साथ दिया। बीजेपी के सूत्रों के अनुसार,फरवरी के आखिरी सप्ताह से इन तीनों नेताओं ने नीतीश कुमार के साथ इस मुद्दे पर नियमित बैठकें भी कीं।