नवादा : बिहार सरकार ने लोगों को समय और पैसे की बचत, दफ्तरों के चक्कर एवं लंबी कतारों से राहत देने तथा बिचौलिया-मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था के उद्देश्य से पेपरलेस निबंधन की व्यवस्था शुरू की है। लेकिन जिले की रजौली निबंधन कार्यालय में व्यवस्था के नाम पर जमीन खरीदारों से कथित रूप से अतिरिक्त राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निबंधन से जुड़े अलग-अलग कार्यों के लिए कथित तौर पर राशि तय है। आरोप के अनुसार पेपरलेस रजिस्ट्री की डाटा एंट्री के नाम पर 500 रुपये, स्थल जांच के नाम पर 1500 रुपये तथा नजरी-नक्शा के नाम पर 200 रुपये वसूले जात रहे हैं। वहीं, निबंधन प्रक्रिया में दर्ज कागजात के आधार पर प्रति पेपर 500 रुपये अतिरिक्त लिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कथित रूप से एक सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं जनरेटर ऑपरेटर के माध्यम से राशि की वसूली कराई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जमीन खरीदारों का कहना है कि जिस पेपरलेस व्यवस्था से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद थी, वही प्रक्रिया उनके लिए आर्थिक परेशानी का कारण बनती जा रही है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
भईया जी की रिपोर्ट
