बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आज बुधवार की सुबह EOU (आर्थिक अपराध इकाई) ने सुपौल के सब-रजिस्ट्रार अमरेन्द्र कुमार के 4 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। रजिस्ट्रार पर करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के ज्ञात स्रोतों से 65% ज्यादा बताई जा रही है। सुपौल के जिला अवर निबंधक यानी सब—रजिस्ट्रार के पटना, छपरा और सुपौल स्थित चार ठिकानों पर यह छापेमारी की कार्रवाई की गई है और इन सभी जगहों पर कागजातों की जांच चल रही है। ईओयू अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई जारी है और जांच के बाद पूरी जानकारी सामने आएगी।
जानकारी के अनुसार EOU की अलग—अलग टीमों ने सुपौल के सब-रजिस्ट्रार अमरेन्द्र कुमार के खिलाफ पटना के विशेष निगरानी न्यायालय से मिले तलाशी वारंट के आधार पर 4 ठिकानों पर एकसाथ धावा बोला। जिन ठिकानों पर छापा पड़ा है, उनमें पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट का फ्लैट, सारण के छपरा में उनका पैतृक घर, सुपौल स्थित कार्यालय और किराए का घर शामिल है। जांच एजेंसी के मुताबिक अमरेन्द्र कुमार पर करीब 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 65 प्रतिशत ज्यादा बताई जा रही है। ईओयू को सब—रजिस्ट्रार के खिलाफ विश्वस्त स्रोतों से पुख्ता जानकारी मिली थी जिसके बाद ईओयू ने इन सूचनाओं का पहले सत्यापन कराया। सत्यापन के क्रम में जिला अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार के पास कुल 1,10,64,000 रूपये आय से अधिक सम्पति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई।
फिलहाल EOU की अलग—अलग टीमें सभी दस्तावेजों और प्रॉपर्टी की जांच कर रही है, ताकि सही जानकारी सामने आ सके। आर्थिक अपराध ब्यूरो के एडीजी नैय्यर हसनैन खान ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई अभी जारी है और पूरी जांच के बाद ही पूरी जानकारी शेयर की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है, और यह कार्रवाई उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।