बिहार में कल गुरुवार 7 मई को भाजपा नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार होने वाला है। पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है। लेकिन इससे ठीक पहले आज बुधवार की सुबह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर JDU की एक बड़ी और हाईलेवल बैठक हो रही है। इस हाईलेवल बैठक से खबरें निकलकर बाहर आ रही हैं, उनके अनुसार नीतीश के बेटे निशांत कुमार भी कल होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाए जा सकते हैं। खबर है कि शुरुआत में इनकार के बावजूद पार्टी नेताओं के दबाव और उनके मनाने के बाद वे इसके लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि इसको लेकर जेडीयू की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि पार्टी के सभी वरीय नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि निशांत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए।
JDU की इस हाईलेवल मीटिंग के बीच पार्टी के एमएलसी और नीतीश के करीबी नेता संजय गांधी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि निशांत कुमार मंत्री बनें। लेकिन निशांत की इच्छा है कि वे पहले बिहार का दौरा पूरा करें, उसके बाद ही मंत्रिमंडल में शामिल होने पर फैसला लें। संजय गांधी ने साफ कहा कि अंतिम फैसला निशांत कुमार को ही लेना है। बता दें कि संजय गांधी नीतीश कुमार और निशांत के काफी करीबी माने जाते हैं। यह बयान उन्होंने नीतीश के पटना स्थित सात सर्कुलर रोड से बाहर निकलने के बाद दिया। सूत्रों ने यह भी बताया कि पार्टी के करीब—करीब सभी वरिष्ठ नेताओं का भी यही मानना है कि निशांत के मंत्री बनने से पार्टी एकजुट होकर काम करेगी और इसके जनाधार को भी भरोसा होगा कि नीतीश की मौजूदगी सरकार में पूरी तरह से बनी हुई है।
सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार से पहले आज बुधवार को जेडीयू नेता संजय झा और डिप्टी सीएम विजय चौधरी सुबह—सुबह 7 सर्कुलर रोड पहुंचे जहां उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल के नामों के साथ-साथ निशांत कुमार को लेकर भी बड़ी चर्चा हुई है। जदयू की यह बैठक कैबिनेट विस्तार से पहले काफी अहम मानी जा रही है ओर इसके कारण राज्य में राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। पिछले महीने नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चर्चा थी कि उनके बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बन सकते हैं। पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें इसके लिए मनाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, निशांत का कहना था कि बिना चुनाव जीते वे कोई बड़ा पद नहीं लेना चाहते। लेकिन अब शायद जदयू के वरिय नेताओं के दबाव में वे अपने पुराने फैसले से पलट सकते हैं और मंत्री पद स्वीकार कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक एनडीए की नई टीम सम्राट लगभग तैयार है। इस बार मंत्रिमंडल में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। बीजेपी अपने कोटे से बड़े नेताओं को शामिल कर रही है, वहीं जेडीयू भी अपने भरोसेमंद नेताओं पर दांव लगा रही है। चर्चा है कि बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल और डॉ. प्रमोद कुमार जैसे नेताओं को जगह मिल सकती है। वहीं युवा चेहरों में श्रेयसी सिंह और आनंद मिश्रा जैसे नाम भी चर्चा में हैं।