मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर आफतों का पहाड़ टूट पड़ा है। आज शुक्रवार को JDU से निकाले गए अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने बिहार सरकार को इस हत्याकांड की जांच चार महीने में पूरी करने का आदेश भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दुलारचंद के पोते द्वारा अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। दरअसल इस हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट ने इसी वर्ष मार्च माह में जमानत दे दी थी। उनकी जमानत को दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
फिर जेल जायेंगे बहुबली विधायक
सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश को स्थगित करते हुए अनंत सिंह को सरेंडर करने का निर्देश दिया। बता दें कि अनंत सिंह ने बेटी की शादी का हवाला देकर अदालत से सरेंडर से राहत की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी अपील को स्वीकार नहीं किया। अनंत सिंह के मामले पर आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि उनको कोर्ट ने सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। सरकार जब तक चाहेगी आप बाहर रहेंगे, सरकार जब चाहेगी अंदर रहेंगे। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह, दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी हैं। दुलारचंद यादव की हत्या तब हुई थी जब वह 2025 में विधानसभा चुनाव के दौरान जन स्वराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस दौरान उनके और अनंत सिंह के काफिले आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इस दौरान वहां गोलियां चल गई थी और दुलारचंद की मौत हो गई थी।
SC ने 1 दिसंबर तक सरेंडर को कहा
चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह के काफिले के साथ विवाद होने पर दुलारचंद यादव को गोली लगने की बात सामने आई। मामले की शुरुआती जांच में कहा गया कि उनको गोली लगी है लेकिन बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उनकी मौत वाहन की टक्कर और छाती-दिल पर गंभीर चोट की वजह से हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह समेत 80 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने अरेस्ट किया कर बेऊर जेल न्यायिक हिरासत में भेजा था। साथ ही दो थाना प्रभारियों को भी सस्पेंड कर दिया गया था। उधर इस मामले में गिरफ्तार अनंत सिंह जेल से ही चुनाव जीत गए। करीब चार माह जेल में रहने के बाद पटना हाईकोर्ट से अनंत सिंह को मार्च 2026 में जमानत मिल गई। दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने इस जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जिसके बाद अनंत सिंह को सरेंडर करने का आदेश अदालत ने दिया है।