चुनाव के दौरान पार्टी से बगावत करने के बाद JDU से निष्कासित मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश पर आज जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई। पटना में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि दुलारचंद हत्याकांड पर कोर्ट ने फैसला दिया है। इससे उनका क्या लेना-देना है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम न तीन में हैं, न तेरह में। ऐसे में हम इस मामले में क्या बोलें। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिले दुलारचंद हत्याकांड में बेल के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम अदालत ने मोकामा विधायक को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। यह याचिका दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने दायर की है। लेकिन कुछ मीडिया वालों ने जदयू नेता नीरज के नाम से याचिका दायर होने की खबर चला दी थी।
हम तीन में न तेरह में, हमारा क्या लेना-देना
नीरज कुमार ने कहा कि दुलारचंद की हत्या हुई, उसके परिजन संभवतः नीरज कुमार हैं। लेकिन मेरे ऊपर आरोप लगाए गए कि हमले याचिका दायर की है। हम न तीन में हैं, न तेरह में। मेरा क्या लेना-देना इससे। मेरे बच्चे पर टिप्पणी की गई। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले का जो भी अवलोकन किया है इससे पता चलता है कि इस देश में न्याय जिंदा है। जो लोग न्यायपालिका पर सवाल करते हैं और लोकतंत्र पर खतरे की बात करते, इस फैसले से उन लोगों को करारा जवाब मिला है। उनको पता चल गया है कि न्यायपालिका के अंदर न्याय मिलता है। जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता कोई और है और अनंत कुमार को सरेंडर करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में सरकार का कोई योगदान नहीं है। किसी और का परिवार याचिकाकर्ता है और मेरा नाम चलने लगा। ये फैसला कोर्ट का है।
जदयू नेता ने आगे कहा कि कोर्ट के फैसले पर कोई भी टिप्पणी करना सही नहीं है। इसके बाद सरकार द्वारा बचाए जाने के सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि सरकार ने किसी को कभी नहीं बचाया है। ये आरोप कोई नहीं लगा सकता। अगर किसी के पास साक्ष्य है तो दिखाए। गलत बात कहकर सरकार को बदनाम करने की साजिश सफल नहीं होगी। जैसा करेंगे वैसे परेशानी में पड़ेंगे। ये फैसला तो कोर्ट का है। बता दें कि पटना ग्रेजुएट की MLC सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद देखने को मिला था। इस सीट पर नीरज कुमार ने चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर जन सुराज उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया तो मामला गरमा गया था।