बांकीपुर उपचुनाव के लिए तेजप्रताप यादव की कैंडिडेट वीणा मानवी का नामांकन जिस वजह से रद हुआ है, उसकी जानकारी सामने आते ही हर कोई हैरान रह गया। पहले यह अनुमान लगाया गया कि वीणा मानवी का नामांकन किसी कागजाती गड़बड़ी के कारण रद हुआ हो सकता है। लेकिन अब पता चला है कि महज एक सिग्नेचर की कमी की वजह से उनका नामांकन रद हुआ है। बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांक स्क्रूटनी के दौरान कुल 13 उम्मीदवारों का नामांकन रद हुआ है। इसमें सबसे चौंकाने वाला मामला वीणा मानवी का रहा जिनका पर्चा किसी बड़े डॉक्यूमेंट्स कंट्रोवर्सी के कारण नहीं, बल्कि महज सिग्नेचर की एक छोटी सी चूक के कारण रद्द किया गया।
जानकारी में बताया गया कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग की स्क्रूटनी की प्रक्रिया में कुल 13 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अलग-अलग तकनीकी कमियों के कारण खारिज कर दिए गए। इसमें जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव को तब बड़ा झटका लगा जब उनकी प्रत्याशी वीणा मानवी का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। चुनाव आयोग ने स्क्रूटनी के दौरान पाया कि वीणा मानवी के नामांकन पत्र पर 10 प्रस्तावकों की जगह केवल 9 के ही हस्ताक्षर थे। इसके चलते निर्वाचन अधिकारी ने उनका पर्चा ही निरस्त कर दिया। स्क्रूटनी के बाद अब बांकीपुर उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र निरस्त किए गए जिनमें छह निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। जबकि बाकी उम्मीदवार विभिन्न छोटे राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ रहे थे।
निर्वाचन आयोग के अनुसार बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी के नामांकन पत्र की बारीकी से जांच की गई थी। वर्तमान नियमों के अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त दल से अलग या क्षेत्रीय पार्टी के प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर कम से कम 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है। लेकिन जब वीणा मानवी के पर्चे की जांच हुई तो उसमें केवल 9 प्रस्तावकों के ही सिग्नेचर पाए गए। सिर्फ एक हस्ताक्षर कम होने की इस मामूली लेकिन गंभीर तकनीकी चूक के कारण चुनाव आयोग ने उनके आवेदन को त्रुटिपूर्ण माना और उनका नामंकन रिजेक्ट कर दिया। इसके अलावा नामांकन के हलफनामे में गलत जानकारी देना, महत्वपूर्ण वित्तीय या आपराधिक तथ्यों को छिपाना, आवेदन पत्र का अधूरा या त्रुटिपूर्ण होना और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित अन्य कड़े मानकों पर खरा नहीं उतरने पर भी नामांकन रद करने का प्रावधान है।