पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर दबाव बढ़ने लगा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने एक सीट पर अपनी पार्टी का दावा ठोकते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पुराना वादा याद दिलाया है। इमान ने साफ कहा कि राज्यसभा चुनाव के वक्त तेजस्वी ने उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देने का भरोसा दिया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में दोनों दलों के रिश्ते मजबूत बने रहें।
अख्तरुल इमान ने पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के समय भी उनकी पार्टी एक सीट चाहती थी। उस दौरान तेजस्वी यादव ने भरोसा दिया था कि आगे उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इमान ने कहा कि अब समय आ गया है कि तेजस्वी यादव अपना वादा निभाएं। भविष्य में भी कई चुनाव होने हैं। भले ही हमारे पास पर्याप्त संख्या बल न हो, लेकिन महागठबंधन को हमारे सहयोग की जरूरत पड़ती है। उन्होंने याद दिलाया कि राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने पूरी ईमानदारी से समर्थन दिया था, जबकि महागठबंधन के कुछ अपने ही सहयोगी पीछे हट गए थे।
वहीँ, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर भी अख्तरुल इमान ने अपनी राय रखी। उन्होंने बीच का रास्ता अपनाते हुए कहा कि कानून के तहत यदि किसी अन्य नेता को आवास आवंटित किया जा सकता है, तो उन्हें भी दिया जाना चाहिए। इमान ने कहा कि राबड़ी देवी के वर्तमान आवास (10 सर्कुलर रोड) में रहने से कोई कयामत नहीं आ जाएगी और उनके आवास खाली कर देने से भी कोई बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ने वाला है।
राज्य सरकार द्वारा मदरसों की जांच के लिए जारी पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। जांच केवल मदरसों की ही नहीं, बल्कि सभी स्कूलों और कॉलेजों की भी नियमित रूप से होनी चाहिए। CM सम्राट चौधरी के ’48 घंटे में न्याय’ वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सूबे में कई ऐसी आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिनमें हफ्तों बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है। इसके अलावा, राजनीति में ‘हरे गमछे’ को लेकर चल रही बयानबाजी को उन्होंने महज मीडिया की टीआरपी का हथकंडा बताया और कहा कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ बिहार का विकास है।