पटना : बिहार परिवहन विभाग ने राज्य की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात के समय भी सघन वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा। परिवहन विभाग का चलंत दस्ता (मोबाइल स्क्वाड) अब प्रमुख नेशनल/स्टेट हाईवे के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के मुख्य मार्गों पर भी रात में तैनात रहेगा। रात के अंधेरे में निकलने वाले अवैध व्यावसायिक वाहन, ओवरलोड ट्रक और ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालक। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही औचक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि दिन में पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के डर से अवैध और ओवरलोड वाहन रात के समय सड़कों पर उतरते हैं। इससे गंभीर सड़क हादसों का खतरा काफी बढ़ जाता है। विभाग का मानना है कि रात की चेकिंग से हादसों में कमी आएगी और राजस्व की चोरी भी रुकेगी। फील्ड कर्मियों के लिए बड़ी राहत देते हुए विभाग ने ₹3,000 राशन भत्ता, रात की ड्यूटी में तैनात रहने वाले चलंत दस्ता सिपाहियों की सुविधा और हौसला बढ़ाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय लिया है।
सिपाहियों को हर महीने 3,000 रुपये का राशन मनी भत्ता दिया जाएगा। यह राशि सीधे उनके मूल वेतन (बेसिक सैलरी) के साथ जुड़कर हर महीने बैंक खाते में आएगी। वित्त विभाग के 2017 के संकल्प के तहत यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। हालांकि, यदि कोई सिपाही लगातार 30 दिनों से अधिक समय तक अर्जित अवकाश (Earned Leave), विशेष ट्रेनिंग या क्षेत्र से बाहर आधिकारिक दौरे पर रहता है, तो उसे उस अवधि का भत्ता नहीं मिलेगा।