बिहार में गंगा समेत राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं जिससे राजधानी पटना समेत कई जिलों की ग्रामीण और शहरी आबाद पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पटना में गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान से दो मीटर से ऊपर बह रही है। पटना शहर के निचले इलाके में पानी घुसने लगा है और बिंदटोली इलाके में 15 परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है। पटना शहर में गंगा का पानी प्रवेश न करे, इसके लिए डीएम ने गंगा सुरक्षा दीवार के सभी गेटों को बंद करने का आदेश जारी किया है तथा अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही पीएचईडी विभाग में छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। गंगा के अलावा दक्षिण बिहार की नदियों में उफान के चलते पटना के शहरी और ग्रामीण इलकों में बाढ़ की स्थिति विकराल बन गई है। ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। दानापुर, धनरुआ, मोकामा, बख्तियारपुर के कई कच्चे मकान नदी में समा गए हैं। इसबीच खबर है कि मुख्यमंत्री ने आज फिर एरियल सर्वे का निर्णय लिया है।

अलर्ट मोड में प्रशासन, छुट्टियां हुईं रद
जानकारी के अनुसार जलस्तर बढ़ने से पटना, मुंगेर और भागलपुर में गंगा किनारे के कई घाट पहले ही डूब चुके हैं। सबसे बड़ा खतरा पटना के गांधी घाट पर है। इसके साथ ही मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। वहां गंगा का पानी खतरे का निशान पार कर गया है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। बढ़ते जलस्तर के हालात को देखते हुए पटना डीएम कुंदन कुमार ने एसएसपी और नगर आयुक्त के साथ कई इलाकों का निरीक्षण किया। दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला का जायजा लिया गया। पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल के 108 रास्तों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। 13 स्लुईस गेट के लीकेज को भी बंद कराया गया है और ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन को सक्रिय रखने को कहा गया है।
13 जिले चपेट में, नदियां उफान पर
गंगा के अलावा सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा भी उफान पर हैं। राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इधर बिहार में बाढ़ के हालात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार राहत और बचाव कार्य में जुटी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विदेश दौरे से लौटते ही बिहार के मुख्यमंत्री से बात की है। बेगूसराय के मटिहानी में गंगा का पानी 17 सरकारी विद्यालयों तक पहुंचने से पठन-पाठन प्रभावित हुआ है और शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में टैग किया गया है। पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से जेपी गंगा पथ के किनारे बसे बिंद गांव में पानी घुस गया है। लोग घर छोड़कर जेपी गंगा पथ पर शरण ले रहे हैं। शहर के दूसरे इलाकों का भी बुरा हाल है।
