बेंगलुरु में द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में बीती शाम 4 दिवसीय बिहार महोत्सव का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर की उपस्थिति में सीएम सम्राट चौधरी ने उद्घाटन करते हुए प्रवासी बिहारियों से अपनी जन्म भूमि के विकास में योगदान की अपील की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ने सदियों से देश और दुनिया को ज्ञान, करुणा, दर्शन और अहिंसा का संदेश दिया है। बिहार की धरती ने भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों को अपनी विरासत से जोड़ा है। आज आवश्यकता है कि बिहार के लोग अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि के विकास में भी योगदान दें। बिहार समृद्ध होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।
2028 तक बिहार में मां सीता का मंदिर
बेंगलुरु में इस चार दिवसिय बिहार महोत्सव कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार की जीवंत लोक कलाओं, पारंपरिक खान—पान, हस्तशिल्प और आधुनिक उद्यमिता को एक मंच पर लाना है। इस आयोजन का आगाज बिहार की विशिष्ट लोक नृत्य परंपराओं में शामिल झिझिया नृत्य से किया गया। इस प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में 4 दिनों के दौरान लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस मौके पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी और मंत्री जामा खान विशेष रुप से उपस्थित थे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक और गौरवशाली धरती है। पाटलिपुत्र इसकी ऐतिहासिक राजधानी रही है। अगले दो सालों में 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने श्री श्री रविशंकर जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की स्थापना साल 1981 में हुई और पिछले 45 सालों से अधिक समय में संस्था ने दुनिया को जीवन जीने की नई दिशा दी है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन का रास्ता दिखाने में गुरुदेव का महत्वपूर्ण योगदान है।
बदलती आर्थिक स्थिति और विकास की गति
मुख्यमंत्री ने बिहार की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 27 साल पहले जब वे बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे, उस समय राज्य का बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये था। झारखंड के अलग होने के बाद बिहार के पास संसाधन सीमित थे और राज्य के राजस्व का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की लंबी यात्रा तय की। साल 2024 में वित्त मंत्री के रूप में मैंने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। यह बिहार की बदलती आर्थिक स्थिति और विकास की गति का प्रमाण है।
बिहार में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले करीब 21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर लगभग 44 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि साल 2030 से पहले राज्य में 70 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। बिहार के लोग देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपनी मेहनत और प्रतिभा से विकास में योगदान दे रहे हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में बिहारी काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि में आगे बढ़ते रहें लेकिन अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास और समृद्धि में भी योगदान दें।