बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां भाजपा को बड़ी हार मिली तो वहीं राजद भी हाशिये पर चली गई। जनता पक्ष और विपक्ष दोनों से नाराज थी। ऐसे में मुख्य विपक्षी पार्टी होने के चलते राजद को राजनीतिक और सामाजिक तौर पर निराश आम लोगों के लिए एक विकल्प बनकर सामने आना चाहिए था। लेकिन बांकीपुर के उपचुनाव में ऐसा नहीं हुआ। इसी बात को लेकर आज मंगलवार को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने RJD नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राजद का मौजूदा नेतृत्व सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर अपनी पकड़ खो चुका है। साफ है कि पप्पू का ईशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव की अक्षमता को लेकर था।
जेन Z में असंतोष बना हार का मुख्य कारण
बांकीपुर उपचुनाव में पप्पू ने भाजपा की हार के पीछे युवाओं, खासकर Gen Z, के रुझान और जन असंतोष को प्रमुख कारण बताया। पप्पू यादव ने कहा कि राजद का वर्तमान नेतृत्व आम लोगों की भावनाओं और मुद्दों से कट चुका है। बांकीपुर में जनता को एक विकल्प की तलाश थी। लेकिन यह विकल्प देने में राजद पूरी तरह विफल रहा। इसका नतीजा यह हुआ कि लोगों ने प्रशांत किशोर को झोली भर—भर के वोट दिया। उनके अनुसार, राजद नेतृत्व की सोच अब समाज के व्यापक वर्ग तक नहीं पहुंच रही है। बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा और युवाओं को एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प दिखाई दिया।
विकल्प नहीं रहने का पीके को मिला फायदा
उन्होंने आरोप लगाया कि चंदा चोरी विवाद, युवाओं पर लाठीचार्ज और महिलाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों का असर चुनाव परिणामों में देखने को मिला। पप्पू यादव का कहना था कि Gen Z मतदाताओं के सामने पारंपरिक दलों के विकल्प सीमित थे, इसलिए उन्होंने प्रशांत किशोर को एक नए विकल्प के रूप में देखा, जिसका फायदा चुनाव में मिला। पप्पू ने कहा कि आपके राज्य में उपचुनाव हो रहा है। आपकी पार्टी भी चुनाव लड़ रही है, और आप विदेश घूम रहे हैं। यह साफ दिखाता है कि राजद नेतृत्व राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं है। इसका परिणाम यह हुआ कि आप जनता से कटते जा रहे हैं और आपकी कैंडिडेट की जमानत भी नहीं बच पाई।